मुरादाबाद। जिले में तेंदुओं को पकड़ने के लिए चलाया जा रहा वन विभाग का रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। कांठ तहसील क्षेत्र के कासमपुर गांव में पिछले कई दिनों से तेंदुआ दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल था। ग्रामीणों की शिकायत और तेंदुए की लगातार गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग की टीम ने गांव में पिंजरा लगाया था। देर रात तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। तेंदुए के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
वन विभाग के मुताबिक, जिले में अब तक 18 तेंदुओं को पकड़ा जा चुका है। इनमें 14 तेंदुए ठाकुरद्वारा तहसील क्षेत्र और चार तेंदुए कांठ तहसील क्षेत्र से पकड़े गए हैं। इसके अलावा तेंदुओं से जुड़े मामलों में अब तक तीन तेंदुओं की मौत भी हो चुकी है। वन विभाग की ओर से तीन अगस्त से लगातार तेंदुओं को पकड़ने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है।
46 पिंजरों से गांवों में निगरानी
तेंदुओं की लगातार मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने जिले में व्यापक स्तर पर निगरानी अभियान चला रखा है। अलग-अलग संवेदनशील स्थानों पर कुल 46 पिंजरे लगाए गए हैं। वन विभाग की टीमें गांव-गांव पहुंचकर तेंदुओं की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। जहां ग्रामीणों की ओर से तेंदुआ दिखाई देने की सूचना मिलती है, वहां टीमों को भेजकर स्थिति का जायजा लिया जा रहा है।
हमलों में चार लोगों की मौत
जिले में तेंदुओं की मौजूदगी के साथ उनके हमलों ने भी चिंता बढ़ाई है। अब तक तेंदुओं के हमलों में चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं। लगातार अलग-अलग गांवों में तेंदुए दिखाई देने से ग्रामीणों में भय बना हुआ है। खेतों और जंगल के आसपास जाने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
कासमपुर गांव में तेंदुआ पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत महसूस की है, लेकिन जिले के अन्य हिस्सों में तेंदुओं की गतिविधियां सामने आने के कारण वन विभाग की चुनौती अभी खत्म नहीं हुई है। विभाग की टीमें लगातार निगरानी और रेस्क्यू अभियान में जुटी हुई हैं@जफर/INN
