मुरादाबाद। थाना सिविल लाइंस पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय गैंग के 13 कथित सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी आर्थिक लाभ का लालच देकर गरीब और जरूरतमंद लोगों के बैंक खाते हासिल करते थे और उनका इस्तेमाल म्यूल अकाउंट के रूप में साइबर ठगी की रकम के लेन-देन के लिए करते थे।
पुलिस के अनुसार, 26 सितंबर को मुखबिर की सूचना पर सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में सोनकपुर पुल के पास कार्रवाई की गई। मौके से 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से 26 हजार रुपये नकद, 16 स्मार्ट मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक आईपैड, 15 एटीएम कार्ड, पांच फर्जी पैन कार्ड, 53 सिम कार्ड, 15 फर्जी आधार कार्ड, दो चेकबुक, एक ब्लैंक चेक और दो कारें बरामद की गईं।
APK फाइल के जरिए करते थे साइबर ठगी
प्रारंभिक पूछताछ और जांच के आधार पर पुलिस का कहना है कि गैंग के सदस्य विभिन्न माध्यमों से लोगों के मोबाइल पर APK फाइल भेजते थे। लोगों से इन फाइलों को डाउनलोड और इंस्टॉल करवाने के बाद कथित तौर पर उनके साथ साइबर अपराध किया जाता था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी म्यूल अकाउंट के माध्यम से साइबर ठगी की धनराशि को इधर-उधर करने में भी शामिल थे।
पुलिस ने गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर थाना सिविल लाइंस में मु0अ0सं0 650/2026, धारा 318(2), 336(3), 338, 340(2) और 3(5) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य वैधानिक कार्रवाई की जा रही है तथा आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है।
कई राज्यों से जुड़े हैं आरोपी
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, चंडीगढ़/मोहाली, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश के बरेली, बिजनौर और मुरादाबाद के रहने वाले लोग शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों की उम्र करीब 23 से 48 वर्ष के बीच बताई गई है।
कार्रवाई थाना सिविल लाइंस प्रभारी निरीक्षक हरीशवर्धन सिंह, एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक विवेक कुमार सहित सिविल लाइंस पुलिस और एसओजी की टीम ने की। पुलिस अब गैंग से जुड़े अन्य लोगों, बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और साइबर ठगी से जुड़े लेन-देन की जानकारी खंगाल रही है@शांतनु/INN
