मुरादाबाद। भोजपुर थाना क्षेत्र में शादी का झांसा देकर धोखाधड़ी करने, कूटरचित दस्तावेज तैयार कराने, फर्जी विवाह पंजीकरण कराने और धमकी देने के आरोप में न्यायालय के आदेश पर आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता की ओर से दी गई शिकायत और FIR में दर्ज तथ्यों पर आधारित हैं।
जानकारी के अनुसार मिलक अमावती निवासी 24 वर्षीय शुभम ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी। न्यायालय, जुडिशियल मजिस्ट्रेट ठाकुरद्वारा के आदेश के बाद भोजपुर थाने में 29 सितंबर 2026 को FIR संख्या 0421/2026 दर्ज की गई। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक जॉनसन कुमार को सौंपी गई है।
आईबी में नौकरी लगने के बाद बढ़ा विवाह का दबाव
शिकायतकर्ता का कहना है कि वह पूर्व में ठाकुरद्वारा क्षेत्र में रहकर सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान उसकी सामान्य जान-पहचान कासमपुर निवासी आरती से हुई। आरोप है कि आरती ने स्वयं को अविवाहित बताते हुए उसके सामने विवाह का प्रस्ताव रखा। शिकायतकर्ता के मुताबिक उसने परिवार की सहमति से विवाह करने की बात कही थी।
FIR में दर्ज शिकायत के अनुसार 8 फरवरी 2024 को शिकायतकर्ता का चयन गृह मंत्रालय के अधीन इंटेलिजेंस ब्यूरो में स्टेनोग्राफर पद पर हुआ। आरोप है कि इसके बाद उस पर विवाह करने का दबाव बनाया जाने लगा और विरोध करने पर झूठे दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई।
डराने-धमकाने का आरोप लगाकर कराया विवाह पंजीकरण
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि 15 अप्रैल 2024 को उसे उप निबंधक कार्यालय, जसपुर बुलाया गया। वहां कथित तौर पर दबाव और धमकी देकर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए और विवाह का पंजीकरण कराया गया। शिकायत में आरोप है कि पंजीकरण के लिए फर्जी विवाह कार्ड, पंडित और ग्राम प्रधान के प्रमाण पत्र का इस्तेमाल किया गया तथा विवाह की तारीख 20 फरवरी 2024 दर्शाई गई।
पहली शादी और तलाक की जानकारी छिपाने का आरोप
शिकायतकर्ता का दावा है कि बाद में उसे जानकारी हुई कि आरती की इससे पहले 14 मई 2019 को ब्रजेश कुमार निवासी त्रिलोकपुर मारा, थाना डिलारी, मुरादाबाद के साथ शादी हुई थी। शिकायत के मुताबिक इस विवाह का पंजीकरण 16 मई 2019 को जसपुर में कराया गया था।
आरोप है कि बाद में 11 नवंबर 2022 को पारिवारिक न्यायालय काशीपुर में आपसी सहमति से तलाक हुआ और इस दौरान 15 लाख रुपये दिए गए। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद बाद के शपथपत्र में आरती ने स्वयं को अविवाहित दर्शाया।
पंचायत में लाखों रुपये मांगने का आरोप
FIR में 24 अगस्त 2025 को हुई एक पंचायत का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पंचायत के दौरान उससे पहले 70 लाख रुपये और बाद में 50 लाख रुपये की मांग की गई। मामले में शिकायतकर्ता ने पूर्व में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुरादाबाद को प्रार्थना पत्र देने की बात कही है। पुलिस स्तर से कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए उसने न्यायालय का रुख किया।
आठ लोग नामजद
भोजपुर पुलिस ने मामले में आरती, उसके पिता जगत सिंह, मां कान्ति देवी, भाई मंजीत उर्फ मनोज, आरती के जीजा जय प्रकाश सिंह, ग्राम प्रधान सुषमा सैनी, पंडित संजय शर्मा और आरती के फूफा धूम सिंह को नामजद किया है। इनमें अधिकांश आरोपी कासमपुर, जसपुर क्षेत्र के बताए गए हैं, जबकि धूम सिंह मुरादाबाद के बहोरनपुर निवासी बताए गए हैं।
पुलिस ने BNS की धारा 61(2), 318(4), 336(3), 340(2) और 351(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है@जफर/INN
