मुरादाबाद, 29 सितंबर। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश और जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मुरादाबाद सै0 माऊज बिन आसिम के मार्गदर्शन में जिले के विद्यालयों में विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम, 2012 के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

इसी क्रम में मंगलवार को जनपद के विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों, बच्चों के विधिक अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा तथा सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श की पहचान के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

विद्यार्थियों को बताया गया कि पॉक्सो अधिनियम के तहत 18 वर्ष से कम आयु के प्रत्येक व्यक्ति को बच्चा माना जाता है। बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए कानून में कठोर प्रावधान किए गए हैं।

विद्यार्थियों से कहा गया कि किसी भी अनुचित व्यवहार या घटना को छिपाने के बजाय बिना डर और संकोच के तत्काल अपने माता-पिता, शिक्षक अथवा किसी विश्वसनीय व्यक्ति को इसकी जानकारी दें।

जागरूकता कार्यक्रम के दौरान संकट की स्थिति में सहायता प्राप्त करने, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया और निःशुल्क विधिक सहायता के संबंध में भी जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 तथा नालसा की निःशुल्क विधिक सहायता हेल्पलाइन 15100 के बारे में बताया गया।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से विद्यार्थियों को संदेश दिया गया कि बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार और विद्यालय की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सभी की जिम्मेदारी है@शांतनु/INN
