अमरोहा,01 अक्टूबर। जमीयत उलेमा-ए-उत्तर प्रदेश की मजलिस-ए-मुंतज़िमा की एक बैठक मदरसा इस्लामिया अरबिया, जामा मस्जिद अमरोहा में आयोजित की गई।
प्रदेश अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती सैयद मोहम्मद अफ्फान मंसूरपुरी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में प्रदेशभर से प्रबंधकीय समिति के सदस्यों, पदाधिकारियों और जिम्मेदार कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस दौरान संगठनात्मक गतिविधियों के साथ-साथ देश और समाज से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती सैयद मोहम्मद अफ्फान मंसूरपुरी ने कार्यकर्ताओं से निजी हितों से ऊपर उठकर संगठन को मजबूत करने और देश व मिल्लत की निष्ठापूर्वक सेवा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन की मजबूती उसके कार्यकर्ताओं की एकजुटता और जिम्मेदारी पर निर्भर करती है।

देश के मौजूदा हालात पर चिंता जताते हुए उन्होंने मॉब लिंचिंग, बुलडोजर कार्रवाई और इबादतगाहों से जुड़ी अनावश्यक व कानून-विरोधी कार्रवाइयों पर नाराजगी व्यक्त की। मौलाना मंसूरपुरी ने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए एक खास वर्ग को नफरत का निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने नफरत फैलाने वाले संगठनों व गतिविधियों के बहिष्कार का आह्वान करते हुए लोगों से अफवाहों से बचने और संवैधानिक व लोकतांत्रिक व्यवस्था के दायरे में रहकर सामाजिक दायित्व निभाने की अपील की।
शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने ‘तालीमी फरोग’ (शिक्षा के प्रचार-प्रसार) पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सफलता और जागरूकता का रास्ता शिक्षा से होकर ही गुजरता है, इसलिए नई पीढ़ी को आधुनिक व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ बेहतर तरबियत और संस्कार देना बेहद जरूरी है।
बैठक में संगठनात्मक तालमेल, सामाजिक जागरूकता और जरूरतमंदों की मदद पर भी विस्तृत चर्चा हुई। अंत में देश में अमन-चैन, सामाजिक सौहार्द, शिक्षा के प्रसार और देश व मिल्लत की तरक्की के लिए दुआ की गई@MP SINGH/INN
