मुरादाबाद। ठाकुरद्वारा क्षेत्र में तेंदुओं की लगातार बढ़ती आमद के बीच वन विभाग को एक और बड़ी सफलता मिली है। गुरुवार को क्षेत्र के बलिया गांव में एक और तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। इसके साथ ही क्षेत्र में अब तक पकड़े गए तेंदुओं की संख्या 26 पहुंच गई है। तेंदुए के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
बताया गया कि पिछले कुछ समय से ठाकुरद्वारा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में तेंदुए की गतिविधियां लगातार सामने आ रही थीं। खेतों और गांव के आसपास तेंदुए की मौजूदगी से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ था। कई स्थानों पर तेंदुए के देखे जाने तथा पशुओं पर हमले की घटनाओं के बाद वन विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही थी।
ग्रामीणों की सूचना और तेंदुए की गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग ने रणनीति बनाकर क्षेत्र में पिंजरा लगाया था। तेंदुए को पकड़ने के लिए विभागीय टीम कई दिनों से निगरानी कर रही थी। गुरुवार को आखिरकार तेंदुआ पिंजरे में फंस गया। पिंजरे में तेंदुआ कैद होने की खबर फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।
वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था संभाली और तेंदुए को पिंजरे सहित सुरक्षित स्थान पर ले जाने की प्रक्रिया शुरू की। तेंदुए के स्वास्थ्य की जांच के बाद विभागीय अधिकारियों द्वारा नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लगातार बढ़ रही तेंदुओं की संख्या से चिंता
ठाकुरद्वारा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार तेंदुओं के पकड़े जाने से वन विभाग के सामने भी चुनौती बनी हुई है। बलिया में पकड़ा गया तेंदुआ इस क्षेत्र में कैद होने वाला 26वां तेंदुआ बताया जा रहा है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि क्षेत्र में मानव और वन्यजीवों के बीच संघर्ष की स्थिति कितनी गंभीर हो चुकी है।
ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में काम करने के दौरान तेंदुए की मौजूदगी का डर बना रहता है। खासकर सुबह और शाम के समय ग्रामीण खेतों की ओर जाने से भी बचते हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि जिन इलाकों में लगातार तेंदुओं की गतिविधियां सामने आ रही हैं, वहां निगरानी और गश्त बढ़ाई जाए।
वन विभाग की ओर से भी ग्रामीणों से सतर्क रहने, अकेले खेतों की ओर न जाने और तेंदुआ दिखाई देने पर उसके करीब जाने या उसे घेरने की कोशिश न करने की अपील की जाती रही है। अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीव को सुरक्षित तरीके से पकड़ना और मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकना विभाग की प्राथमिकता है@जफर/INN
