दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से हिंदी और मराठी फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह समेत कई लोगों ने गहरी संवेदना व्यक्त की है।
प्रधानमंत्री मोदी ने नाना पाटेकर को याद करते हुए कहा कि उनके अभिनय में एक अलग तरह की तीव्रता, मौलिकता और दमदार मौजूदगी थी। उन्होंने अपनी हर भूमिका को अलग अंदाज में जीवंत किया और ऐसे किरदार निभाए, जिन्हें लंबे समय तक याद किया जाएगा। पीएम ने उनके बेबाक अंदाज और स्पष्ट विचारों का भी जिक्र किया और कहा कि हिंदी व मराठी सिनेमा में उनका योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा।
अमित शाह ने नाना पाटेकर के निधन को भारतीय सिनेमा के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि करीब पांच दशकों तक अभिनेता ने अपने अभिनय और प्रभावशाली संवाद अदायगी से दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी। सामाजिक मुद्दों से लेकर हास्य और व्यंग्य तक, उन्होंने हर तरह के किरदार को अपनी अदाकारी से यादगार बनाया।
नाना पाटेकर सामाजिक कार्यों से भी जुड़े रहे। नाम फाउंडेशन के जरिए उन्होंने सूखे से प्रभावित किसान परिवारों की मदद की और जवानों के बीच जाकर उनका हौसला भी बढ़ाया। अमित शाह ने उनके सरल और बेबाक व्यक्तित्व को भी याद किया।
बताया गया है कि 75 वर्षीय नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर की सुबह गोवा में निधन हुआ। उन्हें डोना पाउला स्थित अपार्टमेंट में बेहोशी की हालत में पाया गया था, जिसके बाद निजी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक करीब 45 मिनट तक सीपीआर देने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनका पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
महाराष्ट्र सरकार की ओर से नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किए जाने की जानकारी दी गई है। उनके निधन से फिल्म जगत और उनके करोड़ों प्रशंसकों के बीच गहरा शोक है।
