कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को हरिओम वाल्मीकि के परिवार से मुलाकात की है और परिवार को ढांढस बंधाया. राहुल ने परिवार से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि मैं परिवार से मिलूं या ना मिलूं. लेकिन न्याय तो मिलना चाहिए. राहुल का कहना था कि परिवार ने बताया है कि आज सरकार के लोगों ने धमकाया है. धमका कर वीडियो बनवाया है.
सुबह उत्तर प्रदेश के कानपुर पहुंचे. उसके बाद सड़क मार्ग के जरिए फतेहपुर आए. उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की. हालांकि, इससे पहले हरिओम के परिवार ने राहुल गांधी से मिलने से साफ इनकार कर दिया था, जिसके बाद पुलिस ने काफिले को रोक लिया था.
बाद में बातचीत के बाद प्रशासन ने राहुल को मुलाकात करने की अनुमति दे दी. राहुल ने परिवार से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली. इससे पहले परिवार का कहना था कि वे सरकार से संतुष्ट हैं और किसी तरह की राजनीति नहीं चाहते हैं.
राहुल का कहना था कि परिवार ने क्राइम नहीं किया. क्राइम इनके खिलाफ किया गया है. ऐसा लग रहा है कि ये अपराधी हैं. घर में बंद कर रखा है. डरा रहे हैं. ये सिर्फ न्याय मांग रहे हैं. हमारे बेटे को, भाई को मारा गया है. उसकी हत्या की गई है. हम न्याय मांग रहे हैं और ये कुछ नहीं कह रहे हैं. इनको घर से बाहर निकलने नहीं दे रहे हैं. अंदर घर में लड़की है. ऑपरेशन करना है. निकलने नहीं दे रहे हैं. सरकार ने बंद कर रखा है. पूरे देश में दलितों पर अत्याचार किया जा रहा है. मैं सीएम से कहना चाहता हूं कि इनको न्याय दीजिए, इनका सम्मान कीजिए और जो अपराधी हैं उन पर जल्दी से जल्दी कार्रवाई कीजिए. उनकी रक्षा करने की कोशिश मत कीजिए.
परिवार के मुलाकात करने से इनकार करने के सवाल पर राहुल ने कहा, परिवार के लोगों ने कहा कि सरकार के लोगों ने उन्हें धमकाया और उनसे कहा कि राहुल गांधी से नहीं मिलना है.
