समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान को हेट स्पीच मामले में अदालत से बड़ी राहत मिली है। संबंधित मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने आजम खान को दोषमुक्त करार देते हुए उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को साबित न होने के आधार पर खारिज कर दिया।
यह मामला चुनावी जनसभा के दौरान दिए गए एक बयान से जुड़ा था, जिसे लेकर आरोप लगाया गया था कि भाषण में एक विशेष वर्ग के खिलाफ आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणी की गई। इसी आधार पर आजम खान के खिलाफ हेट स्पीच से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था और मामला लंबे समय से अदालत में विचाराधीन था।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने के लिए सबूत और गवाह पेश करने में सफल नहीं हो सका। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्य यह सिद्ध नहीं करते कि आरोपी का बयान जानबूझकर नफरत फैलाने या समाज में वैमनस्य पैदा करने की मंशा से दिया गया था।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी बयान को हेट स्पीच मानने के लिए उसके प्रभाव, संदर्भ और मंशा का स्पष्ट रूप से साबित होना जरूरी है। केवल राजनीतिक भाषण या तीखी टिप्पणी को अपने आप में हेट स्पीच नहीं माना जा सकता, जब तक कि कानूनन आवश्यक तत्व पूरे न हों।
फैसले के बाद आजम खान के समर्थकों में संतोष और खुशी देखी गई। समाजवादी पार्टी ने इसे न्याय की जीत बताते हुए कहा कि यह फैसला साबित करता है कि राजनीतिक द्वेष के चलते लगाए गए आरोप अदालत में टिक नहीं पाते।
