मुरादाबाद। जनपद में शासकीय नजूल सम्पत्तियों के संरक्षण को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी अनुज सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा है कि नजूल सम्पत्तियों के भूखण्डों की खरीद-फरोख्त अथवा एग्रीमेंट बिना शासन की अनुमति के किया जाना पूर्णतः अवैधानिक है। इस प्रकार की गतिविधियों से न केवल शासकीय सम्पत्ति का हनन हो रहा है, बल्कि आमजन को भी भ्रमित कर आर्थिक नुकसान पहुँचाया जा रहा है।
स्थानीय व्यक्तियों को अवैध रूप से बेचे जा रहे नजूल भूखण्ड
जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि जनपद में कुछ असामाजिक तत्वों एवं भू-माफियाओं द्वारा नजूल सम्पत्तियों के भूखण्डों को स्थानीय व्यक्तियों को बेचने अथवा एग्रीमेंट करने का प्रयास किया जा रहा है। यह कार्य शासन की अनुमति के बिना किया जा रहा है, जो नियमों का खुला उल्लंघन है। ऐसे मामलों में शासन की स्वीकृति के बिना किसी भी प्रकार का लेन-देन मान्य नहीं होगा।
शासकीय सम्पत्ति के हनन का गंभीर मामला
डीएम अनुज सिंह ने कहा कि नजूल भूमि शासन की संपत्ति होती है और इसका अवैध हस्तांतरण सीधे तौर पर शासकीय सम्पत्ति के नुकसान की श्रेणी में आता है। इस प्रकार की गतिविधियाँ न केवल कानूनन अपराध हैं, बल्कि इससे शासन को राजस्व की हानि भी होती है।
खरीदार और विक्रेता दोनों के विरुद्ध होगी वैधानिक कार्यवाही
जिलाधिकारी ने जनपदवासियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि संज्ञान में आता है कि नजूल सम्पत्तियों के भूखण्डों की खरीद-फरोख्त अथवा एग्रीमेंट बिना शासन की अनुमति के किया गया है, तो ऐसे मामलों में नजूल भूखण्डों को बेचने एवं खरीदने वाले दोनों पक्षों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। इसमें भूमि की जब्ती, अनुबंध निरस्त करने के साथ-साथ विधिक कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।
जनपदवासियों से अपील: जांच-पड़ताल के बाद ही करें कोई सौदा
डीएम अनुज सिंह ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी भूमि का क्रय-विक्रय करने से पूर्व उसकी स्वामित्व स्थिति, राजस्व अभिलेख एवं शासन से प्राप्त अनुमति की भली-भांति जांच कर लें। नजूल भूमि से संबंधित किसी भी प्रकार के प्रलोभन या दबाव में आकर लेन-देन न करें।
अवैध गतिविधियों पर रहेगी प्रशासन की कड़ी नजर
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन द्वारा नजूल सम्पत्तियों से जुड़े मामलों पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। अवैध खरीद-फरोख्त, एग्रीमेंट अथवा कब्जे से जुड़े मामलों में शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शासन की सम्पत्ति की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता
डीएम ने कहा कि शासकीय सम्पत्तियों की रक्षा करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। नजूल भूमि से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
