मुरादाबाद।
नज़ूल भूमि पर निर्माण का मामला शासन तक पहुंचा
जनपद मुरादाबाद में सरकारी नज़ूल भूमि पर नियमों को ताक पर रखकर बनाए जा रहे पाँच मंज़िला DMR अस्पताल के मामले ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। गाटा संख्या–470 की नज़ूल भूमि पर कथित रूप से फर्जी एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) के आधार पर हो रहे निर्माण को लेकर अब शासन स्तर से जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
आवास एवं शहरी नियोजन विभाग ने दिए जांच के निर्देश
उत्तर प्रदेश शासन के आवास एवं शहरी नियोजन अनुभाग–4 द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के माध्यम से जिलाधिकारी मुरादाबाद को निर्देशित किया गया है कि पूरे मामले की गहन जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

शिकायत पर हुआ संज्ञान, संपादक के पत्र से खुला मामला शासन द्वारा जारी पत्र में उल्लेख है कि पर्दाफाश समाचार वेबसाइट के संपादक मुनेंद्र शर्मा द्वारा दिनांक 26 दिसंबर 2025 को भेजे गए शिकायती पत्र का संज्ञान लिया गया। पत्र में मुरादाबाद के थाना सिविल लाइन क्षेत्र में नज़ूल भूमि पर नियमविरुद्ध निर्माण की शिकायत की गई थी।

डॉ. मंजेश राठी पर फर्जी एनओसी के सहारे निर्माण का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि चिकित्सक डॉ. मंजेश राठी द्वारा फर्जी एनओसी के आधार पर पाँच मंज़िला DMR अस्पताल का निर्माण कराया जा रहा है, जबकि भूमि की प्रकृति नज़ूल होने के कारण इस पर विशेष स्वीकृतियां और वैधानिक अनुमति अनिवार्य हैं।
नियमों की अनदेखी और सरकारी भूमि के दुरुपयोग की आशंका
पत्र में यह भी कहा गया है कि निर्माण कार्य में शहरी नियोजन के नियम, स्वीकृत मानचित्र और प्रशासनिक अनुमति की अनदेखी की गई है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला सीधे तौर पर सरकारी भूमि के दुरुपयोग और गंभीर प्रशासनिक लापरवाही की श्रेणी में आएगा।
जिलाधिकारी को नियमानुसार कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश
शासन ने जिलाधिकारी मुरादाबाद को निर्देशित किया है कि मामले में नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई कर शासन को अवगत कराया जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
संयुक्त टीम से स्थल निरीक्षण की तैयारी
शासन के निर्देश मिलते ही जिला प्रशासन में हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार जल्द ही संबंधित विभागों की संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर अभिलेखों की जांच, एनओसी की सत्यता और निर्माण की वैधता का परीक्षण कर सकती है।
प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी जनता की निगाहें
स्थानीय स्तर पर यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सबकी निगाहें प्रशासनिक जांच और संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं कि नज़ूल भूमि पर हो रहे इस कथित फर्जीवाड़े में दोषियों पर कब और कैसी कार्रवाई होती है@ZAFARINN
