अमरोहा। गंगा की गोद में बसा, कभी प्राकृतिक समृद्धि और स्वच्छता का प्रतीक रहा गजरौला आज ज़हर से भरा कुआं बनता जा रहा है। औद्योगिक इकाइयों से निकले रासायनिक अपशिष्ट ज़मीन में समाकर भूजल में घुल चुके हैं, जिससे क्षेत्र के करीब 40 गांवों में घरों तक पहुंच रहा पानी अब जीवन नहीं, बल्कि मौत का घूंट बन गया है।
रहस्यमयी बीमारियों से घिरा इलाका
जहरीले पानी के सेवन से गर्भवती महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग रहस्यमयी बीमारियों की चपेट में हैं। लंबे समय से गंभीर बीमारियों के चलते अकाल मौतों का सिलसिला जारी है। हालात ऐसे हैं कि लोग स्वच्छ पानी की एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य के साथ खुला अपराध बताया जा रहा है।
भाकियू संयुक्त मोर्चा का 18वें दिन भी बेमियादी धरना
प्रदूषण के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर शहबाजपुर डोर में बेमियादी धरना 18वें दिन भी जारी रहा। जहरीली धुंध की चादर ओढ़े किसान सड़क पर डटे हैं, आंखों में आक्रोश और दिलों में पीड़ा साफ झलक रही है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश चौधरी की हुंकार
धरना स्थल पर भाकियू संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश चौधरी ने कहा—
“गजरौला कभी स्वच्छता का गढ़ था, आज यहां जहर से सांसें थम रही हैं। राजनीति बाद में हो, पहले जख्मों पर मरहम लगे। एम्स के विशेषज्ञों की टीम बुलाओ, प्रभावित परिवारों को मुआवजा दो और संवेदनशीलता दिखाओ। यह केवल गजरौला नहीं, पूरे देश की प्रतिष्ठा का सवाल है।”
सरकार की चुप्पी पर उठे सवाल प्रमुख सचिव अरुण सिद्धू ने सवाल उठाया—
“इतने गंभीर और संवेदनशील मामले में सरकार चुप क्यों है? स्वच्छ पानी जब मौलिक अधिकार है, तो लोगों को जहर क्यों पिलाया जा रहा है? यह असंवेदनशीलता दिल दहला देने वाली है।”
औद्योगिक प्रदूषण को बताया असली दोषी
प्रदेशाध्यक्ष रामकृष्ण चौहान ने कहा कि अंधाधुंध औद्योगिक विकास जल, जंगल और जमीन को निगल रहा है।
“पराली पर राजनीति बंद होनी चाहिए, असली दोषी औद्योगिक जहर है। प्रदूषण के मामलों में शीर्ष अदालतें भी सख्त रुख अपना रही हैं, फिर गजरौला के साथ यह अन्याय क्यों?”
उन्होंने दो टूक कहा कि जब तक समाधान नहीं होगा, धरना जारी रहेगा।
‘हमें साफ पानी दो, हमें जीवन दो’
धरना स्थल पर मौजूद किसानों और ग्रामीणों की आंखों में आंसू हैं, लेकिन उम्मीद अभी जिंदा है। गजरौला आज सवाल कर रहा है-
“हमें साफ पानी दो… हमें जीवन दो… हमें न्याय दो!”
धरने में ये रहे प्रमुख रूप से मौजूद
इस मौके पर ओमप्रकाश दरोगा, अमरजीत देओल, शान चौधरी, आजम खान, आसिफ चौधरी, चौधरी चरण सिंह, इरशाद अहमद, हनीफ अहमद, फिरासत अली, हैदर चौधरी, नूर अहमद, शौकीन चौधरी सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
