मुरादाबाद।प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत तृतीय स्तर पर पंजीकृत एवं प्रशिक्षण प्राप्त लाभार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), मुरादाबाद के परिसर में पीएम विश्वकर्मा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लाभार्थियों को उत्पाद निर्माण के साथ-साथ उसके विपणन, मूल्य निर्धारण और डिजिटल माध्यमों से जोड़ना रहा।
कार्यक्रम में प्रतिभागी लाभार्थियों को उत्पाद का मूल्य निर्धारण, बाजार का विश्लेषण, वित्तीय एवं डिजिटल साक्षरता, विक्रय योजना, पैकेजिंग व डिजाइनिंग का महत्व, ऑनलाइन उत्पाद बिक्री, ई-कॉमर्स की उपयोगिता तथा क्यूआर कोड के माध्यम से भुगतान प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि आधुनिक तकनीकों को अपनाकर पारंपरिक कारीगर भी अपने उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचा सकते हैं।
कार्यशाला के दौरान एमएसएमई विकास कार्यालय, आगरा से पधारे श्री अवधेश कुमार ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी और बताया कि इन योजनाओं के माध्यम से कारीगरों और उद्यमियों को तकनीकी सहायता, वित्तीय सहयोग और बाजार से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।
कार्यक्रम में संयुक्त आयुक्त, जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र मुरादाबाद श्री योगेश कुमार, मुख्य प्रबंधक जिला अग्रणी बैंक मुरादाबाद श्री पंकज सरन, कार्यदेशक श्री अमरपाल सिंह, तीर्थंकर विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर श्री एस.वी. रस्तौगी, प्रशिक्षक श्री अनमोल पाण्डेय तथा प्रवक्ता श्रीमती ऋचा वाष्र्णेय (राजकीय आईटीआई, रामपुर) ने भी अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने उत्तर प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं, बैंकों द्वारा उपलब्ध ऋण सुविधाओं, उद्यमिता विकास और उत्पादों के प्रभावी विपणन की आधुनिक तकनीकों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
प्रधानाचार्य राजकीय आईटीआई मुरादाबाद ने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम कारीगरों और प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि पीएम विश्वकर्मा योजना के माध्यम से लाभार्थी न केवल अपने कौशल को निखारेंगे, बल्कि आर्थिक रूप से भी सशक्त बनेंगे।
