राष्ट्रपति परेड में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भव्य सलामी दी गई। परेड की कमान लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार, जनरल ऑफिसर कमांडिंग दिल्ली एरिया ने संभाली, जबकि मेजर जनरल नवराज ढिल्लों, चीफ ऑफ स्टाफ, मुख्यालय दिल्ली एरिया परेड के सेकंड-इन-कमांड रहे।

इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को देश के सर्वोच्च शांति कालीन वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया। इसके साथ ही शुभांशु शुक्ला यह सम्मान पाने वाले भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री बन गए।

परेड में टोही दस्ते के रूप में बैटल एरे वर्दी में सजी-धजी 61 कैवलरी ने शिरकत की। इसके बाद भारत के पहले स्वदेशी रूप से डिजाइन किए गए बख्तरबंद लाइट स्पेशलिस्ट व्हीकल और हाई मोबिलिटी रिकोनिसेंस व्हीकल का प्रदर्शन किया गया। स्वदेशी ध्रुव हेलिकॉप्टर के जरिए ‘प्रहार फॉर्मेशन’ का शानदार प्रदर्शन हुआ, जिसका नेतृत्व कर्नल विजय प्रताप ने किया।

कर्तव्य पथ पर भारत का पहला स्वदेशी रूप से डिजाइन किया गया आर्मर्ड लाइट स्पेशलिस्ट व्हीकल, हाई मोबिलिटी रिकॉनैसेंस व्हीकल (HMRV) प्रदर्शित किया गया. इसे महिंद्रा डिफेंस सिस्टम्स ने विकसित किया है और वर्ष 2023 में इसे सेना में शामिल किया गया था. यह वाहन अत्याधुनिक बैटलफील्ड सर्विलांस रडार से लैस है, जो जवानों, वाहनों और कम ऊंचाई पर उड़ने वाले हेलिकॉप्टरों का पता लगाने में सक्षम है. इसके साथ ड्रोन, उन्नत संचार प्रणाली और एंटी-ड्रोन गन भी लगी हैं, जिससे यह छोटे दस्तों को दुश्मन की गश्ती टुकड़ियों और यहां तक कि बख्तरबंद लक्ष्यों को भी नष्ट करने में सक्षम बनाता है. भारतीय नौसेना का मार्चिंग कंटिन्जेंट भी कर्तव्य पथ पर परेड में हिस्सा लेता नजर आया.
परेड में 1965, 1971 और 1999 के युद्धों में इस्तेमाल की गई सैन्य सामग्री भी प्रदर्शित की गई। साथ ही ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उपयोग में लाए गए इंटीग्रेटेड ऑपरेशनल सेंटर की झांकी निकाली गई, जिसमें तीनों सेनाओं के तालमेल और संयुक्त शक्ति को दर्शाया गया।
तीनों सेनाओं की वेटरंस झांकी की थीम ‘संग्राम से राष्ट्रनिर्माण तक’ रही। झांकी के अग्र भाग में संघर्ष का प्रतीक दिखाया गया, जिसमें 3D गोलाकार दीवार पर युद्ध मशीनों को प्रदर्शित किया गया। इसके ऊपर अमर जवान ज्योति का प्रतीक था, जो शहीद नायकों को श्रद्धांजलि देता नजर आया। पीछे का हिस्सा राष्ट्रनिर्माण में वेटरंस की निरंतर भूमिका को दर्शाता रहा।

बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स का ऊंट दल डिप्टी कमांडेंट महेंद्र पाल सिंह राठौर के नेतृत्व में मार्च करता नजर आया। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के दल का नेतृत्व सब-इंस्पेक्टर करण सिंह ने किया, जबकि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के दल का नेतृत्व असिस्टेंट कमांडेंट सिमरन बाला और असिस्टेंट कमांडेंट सुरभि रवि ने किया। इसके बाद ITBP दल ने बैंड मास्टर ASI देवेंद्र सिंह के नेतृत्व में और दिल्ली पुलिस दल ने असिस्टेंट कमिश्नर अनंत धनराज सिंह के नेतृत्व में मार्च पास्ट किया।

कर्तव्य पथ पर इस बार यूरोपीय संघ (EU) का दस्ता भी परेड में शामिल हुआ। EU का सैन्य प्रतिनिधित्व EU मिलिट्री स्टाफ के डायरेक्टर जनरल की ओर से कर्नल फ्रेडरिक साइमोन स्प्रुइट ने किया, जो जिप्सी वाहन में सवार थे।
वंदे मातरम पर आधारित एक विशेष झांकी भी निकाली गई, जिसमें राष्ट्रगीत के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को दर्शाया गया। वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में इसका सामूहिक गायन भी किया गया।
गृह मंत्रालय की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और NDRF की झांकी में भुज भूकंप के 25 वर्ष पूरे होने की याद को दर्शाया गया। वहीं NCC की उत्तराखंड डायरेक्टोरेट सीनियर विंग की 148 गर्ल्स कैडेट्स की टुकड़ी का नेतृत्व सीनियर अंडर ऑफिसर मानसी विश्वकर्मा ने किया।
