मुंबई।महाराष्ट्र की राजनीति में शनिवार को एक ऐतिहासिक क्षण दर्ज हुआ, जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की वरिष्ठ नेता और दिवंगत नेता अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार ने राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने मुंबई स्थित लोकभवन में उन्हें शपथ दिलाई। संक्षिप्त लेकिन गरिमामय शपथ ग्रहण समारोह करीब 12 मिनट तक चला।
सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री बनने के साथ ही महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया अध्याय जुड़ गया है। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सदस्य, एनसीपी और सत्तारूढ़ गठबंधन के कई नेता उपस्थित रहे। इस अवसर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
एक दिन पहले पार्टी नेता चुनी गई थीं सुनेत्रा पवार
डिप्टी मुख्यमंत्री पद की शपथ से एक दिन पहले एनसीपी विधायक दल और विधान परिषद सदस्यों की बैठक विधान भवन में आयोजित की गई थी। बैठक में सर्वसम्मति से सुनेत्रा पवार को पार्टी का नेता चुना गया था। इसके बाद उनके नाम पर औपचारिक मुहर लगी और उपमुख्यमंत्री पद के लिए रास्ता साफ हो गया।
राज्यसभा सदस्यता से दिया इस्तीफा
संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करते हुए सुनेत्रा पवार ने शपथ ग्रहण से पहले राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद ही उन्हें राज्य सरकार में डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी सौंपी गई।
अजित पवार के निधन के बाद खाली हुआ था पद
गौरतलब है कि 28 जनवरी को बारामती में हुए एक विमान हादसे में अजित पवार के निधन के बाद राज्य में उपमुख्यमंत्री का पद रिक्त हो गया था। चार दिन तक यह पद खाली रहने के बाद सुनेत्रा पवार को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई। पार्टी और गठबंधन के नेताओं ने इसे राजनीतिक स्थिरता और संवेदनशील नेतृत्व की दिशा में अहम कदम बताया है।
महिला नेतृत्व को मिला नया आयाम
सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री बनने को महिला सशक्तिकरण और नेतृत्व के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह नियुक्ति न केवल एनसीपी, बल्कि पूरे महाराष्ट्र की राजनीति में महिला नेतृत्व को नई मजबूती देगी।
शपथ ग्रहण समारोह के बाद सुनेत्रा पवार ने राज्य के विकास, सामाजिक न्याय और प्रशासनिक पारदर्शिता के लिए प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि वे जनता के विश्वास पर खरा उतरने का हर संभव प्रयास करेंगी।
