लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 3 फरवरी 2026 को भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (India-US Trade Deal) को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री “भयंकर दबाव” में हैं और उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति के सामने घुटने टेकते हुए देश के हितों से समझौता किया है।
राहुल गांधी द्वारा उठाए गए मुख्य सवाल और दावे निम्नलिखित हैं:
- अचानक समझौता करने पर सवाल: राहुल गांधी ने पूछा कि जो ट्रेड डील पिछले चार महीनों से रुकी हुई थी, उसे अचानक कल (2 फरवरी 2026) शाम को ही क्यों साइन किया गया? उन्होंने दावा किया कि समझौते की शर्तों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, फिर भी सरकार ने इसे जल्दबाजी में स्वीकार कर लिया।
- “कंप्रोमाइज्ड” होने का आरोप: उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी “कंप्रोमाइज्ड” (दबाव में) हैं और उनकी छवि का जो गुब्बारा करोड़ों रुपये खर्च कर बनाया गया था, वह अब फूट सकता है।
- दबाव के दो मुख्य बिंदु: राहुल गांधी ने दो विशेष कारणों का उल्लेख किया जिन्हें वे प्रधानमंत्री पर दबाव का केंद्र मानते हैं:
- गौतम अडाणी केस: अमेरिका में उद्योगपति गौतम अडाणी के खिलाफ चल रहे कानूनी मामले।
- एपस्टीन फाइल्स (Epstein Files): उन्होंने दावा किया कि एपस्टीन फाइल्स से जुड़े कई तथ्य अभी और आने बाकी हैं, जिसका डर प्रधानमंत्री को है।
- किसानों और राष्ट्रीय हितों का नुकसान: उन्होंने आरोप लगाया कि इस डील के जरिए भारतीय किसानों के “खून-पसीने और कड़ी मेहनत” को बेच दिया गया है। उन्होंने इस समझौते को भारत की आर्थिक संप्रभुता के लिए खतरा बताया।
- संसद में बोलने से रोकना: राहुल गांधी ने यह भी सवाल उठाया कि इतिहास में पहली बार विपक्ष के नेता को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने नहीं दिया जा रहा है, क्योंकि वे इन संवेदनशील मुद्दों को उठा रहे हैं।
संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि यह सौदा देश की अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है।
