मुरादाबाद। उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने रेलवे स्टेशन पर मीडिया से बातचीत के दौरान ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रसारित एक फिल्म के नाम को लेकर चल रहे विवाद पर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि संबंधित फिल्म का शीर्षक समाज के एक वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला था, जिससे न केवल गलत संदेश गया बल्कि सामाजिक सौहार्द को भी नुकसान पहुँचा। ऐसी मानसिकता बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।
डिप्टी सीएम ने बताया कि इस मामले में प्रदेश सरकार ने तत्परता दिखाते हुए भारत सरकार से हस्तक्षेप की मांग की थी। केंद्र सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत कार्रवाई की और ओटीटी प्लेटफॉर्म को विवादित नाम हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने दो टूक कहा कि केवल नाम बदल देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि भविष्य में भी इस तरह के आपत्तिजनक नामों और विषयों पर आधारित किसी भी फिल्म, वेब सीरीज या धारावाहिक के निर्माण पर रोक लगनी चाहिए। ऐसा कंटेंट जो समाज में नफरत, वैमनस्य और नकारात्मकता फैलाए, उसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। सरकार इस तरह की हरकतों को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगी।
डिप्टी सीएम ने कहा कि ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को भी अपनी सामाजिक जिम्मेदारी समझनी होगी। मनोरंजन के नाम पर ऐसा कोई कंटेंट नहीं बनाया जाना चाहिए जो समाज को बांटने का काम करे या किसी वर्ग को अपमानित करे। सामाजिक समरसता बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है।
वोट कटने और मतदाता सूची को लेकर समाजवादी पार्टी द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए बृजेश पाठक ने कहा कि सपा हर चुनाव के समय इसी तरह के बेबुनियाद आरोप लगाती रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) कोई नई प्रक्रिया नहीं है। चुनाव से पूर्व मतदाता सूचियों में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया संवैधानिक और नियमित रूप से होती रही है।
सपा पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला सिर्फ राजनीतिक ‘फेस सेविंग’ का प्रयास है। समाजवादी पार्टी के शासनकाल को याद दिलाते हुए उन्होंने कहा कि उस दौर में प्रदेश में गुंडे, माफिया और असामाजिक तत्व खुलेआम सक्रिय थे, जिसे जनता आज भी नहीं भूली है। उन्होंने कहा कि मुरादाबाद ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश की जनता सपा की उस अराजक व्यवस्था को दोबारा स्वीकार नहीं करेगी।
डिप्टी सीएम ने दावा किया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में कानून का राज स्थापित है और आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर रहा है। प्रदेश में सुशासन की स्पष्ट झलक दिखाई दे रही है।
अपने बयान के समापन में बृजेश पाठक ने कहा कि मौजूदा सरकार शांति, सौहार्द और मजबूत कानून व्यवस्था के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। समाज को तोड़ने वाली सोच, अराजकता फैलाने वाले कंटेंट और नकारात्मक राजनीति को जनता अब नकार चुकी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आज का उत्तर प्रदेश बदल चुका है-अब यहां माफिया नहीं, बल्कि कानून का शासन चलता है।
