समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने फरवरी 2026 में भारत और अमेरिका के बीच हुए नए अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Deal) की तीखी आलोचना की है। उन्होंने इस समझौते पर तंज कसते हुए कहा कि यह “अमेरिका से डील नहीं, बल्कि ढील हुई है”।
- बाजार खोलना: यादव ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने पूरा भारतीय बाजार अमेरिका के हवाले कर दिया है, जिससे घरेलू उद्योगों पर बुरा असर पड़ेगा।
- मेक इन इंडिया पर हमला: उन्होंने दावा किया कि इस समझौते से ‘मेक इन इंडिया’ अभियान कमजोर हो गया है और सरकार ने इसे त्याग दिया है।
- किसानों और डेयरी क्षेत्र की चिंता: सपा प्रमुख ने विशेष रूप से कृषि और डेयरी उत्पादों के आयात को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अमेरिका से डेयरी उत्पाद और पशु आहार के आयात से भारतीय किसानों, पिछड़े वर्गों और दलितों के हितों को नुकसान होगा।
- सनातनी परंपरा का तर्क: उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि अमेरिका से डेयरी उत्पाद आते हैं, तो देश के सनातनी लोगों का ‘व्रत’ कैसे सुरक्षित रहेगा, क्योंकि उन उत्पादों की शुद्धता पर संदेह हो सकता है।
पृष्ठभूमि: यह विवाद तब शुरू हुआ जब भारत और अमेरिका ने फरवरी 2026 को एक अंतरिम व्यापार ढांचे की घोषणा की, जिसके तहत अमेरिका ने भारतीय सामानों पर टैरिफ घटाकर 18% कर दिया है और भारत ने भी कई अमेरिकी उत्पादों (जैसे ऊर्जा, कृषि और औद्योगिक सामान) के लिए अपना बाजार खोलने पर सहमति दी है।
