कानपुर के बहुचर्चित लैंबॉर्गिनी एक्सीडेंट केस में एक नया मोड़ आया है। घटना के घायल शिकायतकर्ता मोहम्मद तौसिफ ने अब अदालत में बयान दिया है कि गाड़ी शिवम मिश्रा (तंबाकू कारोबारी के बेटे) नहीं, बल्कि उनका ड्राइवर मोहन लाल चला रहा था।
- बयान में बदलाव: घायल शिकायतकर्ता ने कोर्ट में शपथ पत्र (Affidavit) दाखिल कर कहा है कि वह ड्राइवर मोहन लाल के साथ समझौते के लिए तैयार है और एक्सीडेंट के समय ड्राइविंग सीट पर मोहन ही मौजूद था।
- ड्राइवर का दावा: ड्राइवर मोहन लाल ने कोर्ट में सरेंडर करते हुए दावा किया कि हादसे के समय शिवम को अचानक दौरा (Seizure) पड़ गया था, जिससे उसका संतुलन बिगड़ गया और हादसा हो गया।
- पुलिस का रुख: हालांकि, कानपुर पुलिस अब भी अपने पुराने स्टैंड पर कायम है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयानों से साफ है कि ड्राइविंग सीट पर शिवम मिश्रा ही थे।
- कोर्ट की कार्रवाई: पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने ड्राइवर मोहन का सरेंडर फिलहाल स्वीकार नहीं किया है, क्योंकि पुलिस की विवेचना में उसका नाम अब तक सामने नहीं आया था।
