- पीतल नगरी के युवाओं को अब डिग्री के साथ मिलेगी अप्रेंटिसशिप, सीधे ‘एक्सपोर्ट हब’ से जुड़ेंगे छात्र
- मुरादाबाद मंडल के 333 कॉलेज एक छत के नीचे, शासनादेश के अनुसार मुरादाबाद परिक्षेत्र के रोहिलखंड विवि में पढ़ाई कर रहे द्वितीय और तृतीय वर्ष के छात्रों को भी यहीं से मिलेगी डिग्री
मुरादाबाद। पीतल नगरी मुरादाबाद के शैक्षिक क्षितिज पर एक नया सूरज उग रहा है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बजट 2026 में गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय को 50 करोड़ रुपये की संजीवनी देकर मंडल के लाखों छात्रों के सपनों को नई उड़ान दी है। सरकार की मंशा साफ है—शिक्षा को रोजगार से जोड़ना। इसी कड़ी में विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है और मई 2026 तक यह पूर्ण रूप से बनकर तैयार हो जाएगा। यह विश्वविद्यालय न केवल शिक्षा का मंदिर होगा, बल्कि मुरादाबाद के विश्व प्रसिद्ध पीतल उद्योग के लिए ‘स्किल फैक्ट्री’ भी साबित होगा।
पीतल उद्योग की जरूरतों के हिसाब से तैयार हुआ पाठ्यक्रम
विश्वविद्यालय के कुल सचिव गिरीश कुमार द्विवेदी ने बताया कि सत्र 2025-26 का आगाज हो चुका है और कैंपस में सात पीजी पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। इनमें साइंस संकाय के एमएससी फिजिक्स, केमिस्ट्री, बॉटनी, कंप्यूटर साइंस, एनवायर्नमेंटल साइंस के साथ एमकॉम और एम. ए. जियोग्राफी शामिल हैं।
खास बात यह है कि इन पाठ्यक्रमों को मुरादाबाद के पीतल उद्योग को केंद्र में रखकर डिजाइन किया गया है।
एमकॉम: छात्र सीखेंगे कि पीतल उद्योग में एक्सपोर्ट-इंपोर्ट का काम कैसे होता है।
एनवायर्नमेंटल साइंस: उद्योग से पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को कैसे सुधारा जाए, इसकी तकनीक सिखाई जाएगी।
केमिस्ट्री: रसायनों का उपयोग और धातुओं का निष्कर्षण (Extraction) कैसे हो, इस पर फोकस रहेगा
कुल सचिव ने बताया कि सभी कोर्सेज को एईडीपी (AEDP) (Apprenticeship Embedded Degree Program) से जोड़ा जा रहा है। यह एक क्रांतिकारी कदम है, जिससे छात्रों को क्लासरूम की पढ़ाई के साथ-साथ इंडस्ट्री में व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिलेगा।

333 कॉलेजों का महासंगम: 5 लाख छात्रों का बनेगा भविष्य
विश्वविद्यालय का दायरा बेहद विशाल है। मुरादाबाद मंडल के पांचों जिलों के 333 कॉलेज अब गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय से जुड़ चुके हैं। जो छात्र अभी रोहिलखंड विश्वविद्यालय से सेकेंड या थर्ड ईयर कर रहे हैं, उन्हें भी अब डिग्री इसी विश्वविद्यालय की मिलेगी। आंकड़ों की बात करें तो वर्तमान में विश्वविद्यालय स्तर पर प्रथम वर्ष में लगभग 1 लाख 29 हजार विद्यार्थी पंजीकृत हैं। जब कैंपस और व्यवस्थाएं पूरी तरह संचालित हो जाएंगी, तो मंडल के करीब 5 लाख विद्यार्थी यहाँ से शिक्षित होकर देश-प्रदेश में अपनी सेवाएं देंगे। फिलहाल कैंपस में 7 कोर्सेज में 94 विद्यार्थी शिक्षा ले रहे हैं, जिन्हें एडेड कॉलेजों के अनुभवी प्रोफेसर और ऑनलाइन-ऑफलाइन मोड में MHSC व CBFC के सहयोग से पढ़ाया जा रहा है।
मई तक तैयार होगा कैंपस, आईआईटी रुड़की कर रही निगरानी
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता राजेंद्र बहादुर ने बताया कि बजट 2026 में मिले 50 करोड़ रुपये से निर्माण कार्य ने रफ़्तार पकड़ ली है। ईपीसी (EPC) मोड पर हो रहे इस निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जा रहा, जिसकी निगरानी आईआईटी रुड़की जैसी संस्थाएं कर रही हैं। मई तक विश्वविद्यालय पूर्ण रूप से शुरू कर दिया जाएगा। मुख्य बिल्डिंग के अलावा एडमिन ब्लॉक, वीसी रेजीडेंसी, पुलिस आवास और गैराज का काम पूरा हो चुका है। कैंपस को अत्याधुनिक बनाते हुए सभी कक्षाओं को स्मार्ट क्लास में तब्दील किया गया है, ताकि छात्रों को देश के टॉप क्लास विश्वविद्यालयों जैसी सुविधाएं मिल सकें।

अगले सत्र से एआई की पढ़ाई
विश्वविद्यालय प्रशासन भविष्य की तैयारियों में भी पीछे नहीं है। अगले सत्र (2026-27) से कंप्यूटर साइंस के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का कोर्स भी शुरू किया जाएगा। साथ ही, बचे हुए अन्य पाठ्यक्रमों को भी पूरी क्षमता के साथ शुरू करने की योजना है। योगी सरकार का यह प्रयास मुरादाबाद को शिक्षा और उद्योग का एक सशक्त केंद्र बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है।
