मुरादाबाद। जनपद में सहकारी बैंक चुनाव को लेकर सियासी तापमान उस समय बढ़ गया, जब डिलारी ब्लॉक के सहसपुरी गांव के ग्राम प्रधान राजवीर सिंह ने भाजपा नेता समेत छह लोगों पर अपहरण और जान से मारने की धमकी का गंभीर आरोप लगाया। मामले में पुलिस ने अदालत के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर लिया है, जिससे राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है।
ग्राम प्रधान राजवीर सिंह का कहना है कि बीती 20 जनवरी को उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड की शाखा ठाकुरद्वारा में बैंक प्रतिनिधि पद के लिए नामांकन होना था। वह सुबह करीब 10:30 बजे नामांकन कराने पहुंचे। आरोप है कि निर्वाचन अधिकारी कक्ष के बाहर पहले से मौजूद कुछ लोगों ने उनके साथ अभद्रता की और नामांकन पत्र लेने से रोक दिया।
प्रधान का आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई और कुछ ही देर बाद सफेद रंग की फॉर्च्यूनर गाड़ी में जबरन बैठाकर अगवा कर लिया गया। उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया। राजवीर सिंह के अनुसार आरोपियों की मंशा गंभीर थी और उन्हें कई घंटों तक बंधक बनाकर रखा गया।
शिकायत में जिन लोगों को नामजद किया गया है, उनमें भाजपा नेता अजय प्रताप सिंह भी शामिल हैं, जो ठाकुरद्वारा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं। अन्य आरोपियों में हरपाल सिंह सैनी, सतपाल सिंह, धर्मेंद्र पाल और वीर सिंह सैनी के नाम बताए गए हैं। बताया गया है कि वीर सिंह सैनी, ठाकुरद्वारा की ब्लॉक प्रमुख के पति हैं।
ग्राम प्रधान का आरोप है कि शाम करीब चार बजे उन्हें ठाकुरद्वारा स्थित भाजपा कार्यालय ले जाया गया, जहां कथित रूप से पिस्तौल दिखाकर दबाव बनाया गया और जबरन वीडियो बयान रिकॉर्ड कराया गया। इसके बाद उन्हें बाहर छोड़ दिया गया।
राजवीर सिंह का कहना है कि उन्होंने थाना स्तर से लेकर क्षेत्राधिकारी तक कई बार शिकायत की, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। अंततः उन्होंने न्यायालय की शरण ली, जिसके आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।
हालांकि, नामजद आरोपियों की ओर से अब तक सार्वजनिक रूप से कोई बयान सामने नहीं आया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की
