अमरोहा (विशेष संवाददाता)। जनपद के गजरौला क्षेत्र में भूजल प्रदूषण को लेकर किसानों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) संयुक्त मोर्चा के बैनर तले किसान पिछले दो महीनों से नेशनल हाईवे-09 किनारे शहबाजपुर डोर में बेमियादी धरना दे रहे हैं।

किसानों का आरोप है कि रासायनिक कारखानों से निकलने वाले जहरीले अपशिष्ट ने नाईपुरा, शहबाजपुर डोर और आसपास के गांवों के भूजल को गंभीर रूप से दूषित कर दिया है, जिससे कैंसर, त्वचा रोग और पेट संबंधी बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं, वहीं फसलें भी बर्बाद हो रही हैं।

भाकियू संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश चौधरी ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन सबसे ज्यादा उपेक्षा भी उसी की हो रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश का किसान देश को आर्थिक मजबूती देता है, फिर उसके हिस्से का विकास कहां चला गया? उनका आरोप था कि प्रशासन और सरकार की अनदेखी से हालात बिगड़ते जा रहे हैं और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी किसानों के भरोसे को तोड़ रही है।

चौधरी ने कहा कि यह केवल स्थानीय गांवों की समस्या नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र का पर्यावरणीय संकट है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ फैक्ट्रियां मुनाफे के लिए पर्यावरण से खिलवाड़ कर रही हैं, जबकि जिम्मेदार विभाग मूकदर्शक बने हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे चौधरी चरण सिंह की विचारधारा को मानने वाले लोग हैं और न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदेशाध्यक्ष रामकृष्ण चौहान और अल्पसंख्यक मोर्चा प्रभारी एवं मंडलाध्यक्ष एहसान अली ने भी आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि बड़े नेताओं के आश्वासन अब किसानों को स्वीकार नहीं हैं। उनका कहना था कि गांव-गांव जनजागरण और जमीनी संघर्ष से ही समाधान निकलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कैमिकल युक्त पानी से अल्पसंख्यक समुदाय सहित बड़ी आबादी प्रभावित हो रही है और स्वास्थ्य, शिक्षा व रोजगार के मुद्दों की अनदेखी हो रही है।
किसानों का कहना है कि विकास के नाम पर नाईपुरा क्षेत्र को बलि का बकरा बना दिया गया है। एमपी और एमएलए के बयानों पर भी अब भरोसा कमजोर पड़ चुका है।

आंदोलनकारी किसानों ने साफ किया कि वे केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई और जिम्मेदारी की गारंटी चाहते हैं।
धरना 60 दिनों से अधिक समय से जारी है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

धरनास्थल पर बगद नदी क्षेत्र के गांवों से पहुंचे किसानों में होमपाल सिंह, विजय सिंह, पृथ्वी सिंह, अनमोल सिंह, अंकुर सिंह, आशु चौहान, मंसूर अली, ओम प्रकाश सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
