मुरादाबाद। जिलाधिकारी अनुज सिंह ने कलेक्ट्रेट परिसर में संचालित विभिन्न पटल/अनुभागों का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने स्थानीय निकाय अनुभाग, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पेंशन, आबकारी और वाद, परिवाद, भूमि व्यवस्था, राजस्व सहायक पटल, राजस्व अभिलेखागार, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी कार्यालय, भूलेख कार्यालय, नजारत, स्टांप और शस्त्र अनुभागों का गहन निरीक्षण किया और इन सभी अनुभागों में होने वाले प्रशासनिक कार्यों की प्रगति के बारे में संबंधित प्रभारी अधिकारी और पटल सहायकों से जानकारी ली तथा जरूरी निर्देश दिए।
स्थानीय निकाय अनुभाग में उन्होंने बजट की उपलब्धता और व्यय की स्थिति के बारे में जानकारी ली और कहा कि आगत और निर्गत रजिस्टर व्यवस्थित किया जाए साथ ही डाक रजिस्टर में भी सभी प्रविष्टियां स्पष्ट रूप से दर्ज होनी चाहिए।

ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण की स्थिति के बारे में अभिलेखीय परीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसी ऑडिट आपत्तियां जो थोड़े प्रयास मात्र से ही निस्तारित हो सकती हैं उन्हें अनावश्यक लंबित रखने के बजाय यथाशीघ्र निस्तारित किया जाए साथ ही महालेखाकार कार्यालय से प्राप्त ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण के प्रति विशेष गंभीरता बरती जाए।
राजस्व वादों के निस्तारण की प्रगति संबंधी पंजिका के अवलोकन के दौरान कई वर्षों से लंबित वाद के संबंध में उन्होंने एडीएम प्रशासन से जानकारी ली और कहा कि तहसीलों से समन्वय करके निस्तारण में तेजी लाई जाए।

परिवाद पटल के निरीक्षण के दौरान पटल पर प्राप्त होने वाले प्रकरणों के रजिस्टर में व्यवस्थित रूप से दर्ज न होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय सहित शासन स्तर के विभिन्न कार्यालयों से प्राप्त होने वाले प्रकरणों के निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय, उप मुख्यमंत्री कार्यालय, मंत्रीगण और जनप्रतिनिधियों के स्तर से प्राप्त होने वाले पत्रों की गंभीरता के दृष्टिगत अभिलेखीय दुरुस्तीकरण के लिए अलग अलग रजिस्टर व्यवस्थित किए जाएं ताकि प्रत्येक प्रकरण का समय से निस्तारण और सूचनाओं का प्रेषण हो सके।
विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी कार्यालय पहुंचकर जिलाधिकारी ने एनएच सहित विभिन्न प्रयोजनों के लिए अधिग्रहीत की जाने वाली जमीनों के सापेक्ष मुआवजा दिए जाने की स्थिति और मुआवजा देने के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली।

उन्होंने सभी पटल सहायकों को निर्देशित किया कि अभिलेखों के रखरखाव में कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए और सूचनाओं के आदान प्रदान में समयबद्धता का गंभीरतापूर्वक पालन होना चाहिए।
इस दौरान अपर जिलाधिकारी प्रशासन श्रीमती संगीता गौतम, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व श्रीमती ममता मालवीय और अपर जिलाधिकारी नगर सुश्री ज्योति सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी गण मौजूद रहे।
