अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 21 फरवरी, 2026 को वैश्विक आयात शुल्क (Global Tariffs) को 10% से बढ़ाकर 15% करने का बड़ा ऐलान किया है। यह कदम अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के ठीक एक दिन बाद आया है, जिसमें कोर्ट ने ट्रंप द्वारा पहले लगाए गए आपातकालीन टैरिफ को “अवैध” करार दिया था।
मुख्य घटनाक्रम और ट्रंप का बयान
- “दशकों की लूट” पर प्रहार: ट्रंप ने सोशल मीडिया (Truth Social) पर पोस्ट करते हुए कहा कि कई देश दशकों से अमेरिका को “लूट” (Ripping off) रहे हैं और अब यह और नहीं चलेगा।
- कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया: ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के 6-3 के फैसले को “हास्यास्पद,” “खराब तरीके से लिखा गया” और “अत्यंत अमेरिका-विरोधी” बताया।
- कानूनी आधार: कोर्ट द्वारा पुराने टैरिफ रद्द किए जाने के बाद, ट्रंप ने ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 122 (Section 122) का इस्तेमाल किया है। यह कानून राष्ट्रपति को भुगतान संतुलन (Balance of Payments) के मुद्दों को सुलझाने के लिए 150 दिनों तक अधिकतम 15% शुल्क लगाने की अनुमति देता है।
प्रमुख बिंदु
- तत्काल प्रभाव: यह 15% का ग्लोबल टैरिफ तुरंत प्रभावी करने की घोषणा की गई है।
- समय सीमा: धारा 122 के तहत ये शुल्क केवल 150 दिनों के लिए वैध रहेंगे, जिसे आगे बढ़ाने के लिए अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी अनिवार्य होगी।
- छूट: यह नया टैरिफ USMCA (अमेरिका-मेक्सिको-कनाडा समझौता) के अंतर्गत आने वाले देशों और कुछ कृषि उत्पादों पर लागू नहीं होगा।
- भारत पर प्रभाव: इस फैसले से पहले भारत पर टैरिफ 25% से घटकर 10% के स्तर पर आने की संभावना थी, लेकिन अब नए ऐलान के बाद भारत सहित अन्य देशों के निर्यातकों को 15% शुल्क का सामना करना पड़ सकता है।
