मुरादाबाद। विकास खंड मूढ़ापाण्डे, तहसील मुरादाबाद स्थित सेंट एंथनी स्कूल परिसर में मंडल स्तरीय “पंडित दीनदयाल उपाध्याय वृहद पशु आरोग्य शिविर/मेले” का भव्य आयोजन किया गया। मेले में एक ही स्थान पर पशुपालकों को निःशुल्क पशुचिकित्सा, बधियाकरण, बांझपन निवारण, लघु शल्य क्रिया, कृत्रिम गर्भाधान तथा कृमिनाशक दवाओं का वितरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
कार्यक्रम का शुभारंभ कुंदरकी विधायक ठाकुर रामवीर सिंह द्वारा गौ-पूजन एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।

इस अवसर पर एमएलसी डॉ. जयपाल सिंह व्यास तथा गौ सेवा आयोग के सदस्य दीपक गोयल भी उपस्थित रहे। पशुपालन निदेशालय, लखनऊ से आए संयुक्त निदेशक डॉ. हेमंत नौटियाल ने निदेशक का शुभकामना संदेश पढ़कर सुनाया।
मेले में गोवंश, महिषवंश, भेड़, बकरी, कुत्ता आदि पशुओं का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। कुल 7399 छोटे-बड़े पशुओं का उपचार किया गया, जिनमें 2700 पशुओं की सामान्य चिकित्सा, 2875 पशुओं की बांझपन चिकित्सा, 60 कृत्रिम गर्भाधान, 165 बधियाकरण, 1467 कृमिनाशक दवापान, 83 मादा पशुओं का गर्भ परीक्षण तथा 49 शल्य चिकित्सा शामिल रहीं।
विधायक ठाकुर रामवीर सिंह ने पशुपालन विभाग की इस व्यापक पहल की सराहना करते हुए कहा कि सरकार पशु-पक्षियों के प्रति भी संवेदनशील है और ऐसे आयोजन पशुपालकों के लिए अत्यंत लाभकारी हैं। उन्होंने 1962 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर मोबाइल एंबुलेंस सेवा को घर तक बुलाने की सुविधा को भी सराहनीय बताया।
मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी मुरादाबाद डॉ. सुनील दत्त प्रजापति ने स्वागत भाषण में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन परिचय पर प्रकाश डालते हुए मेले में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी।
अपर निदेशक ग्रेड-2, मुरादाबाद मंडल डॉ. जगदीश प्रसाद ने पशुपालकों के हित में संचालित योजनाओं की प्रगति साझा की।
मेले में कृषि, उद्यान, बैंक, कृषि विज्ञान केंद्र, पराग डेयरी, मत्स्य विभाग एवं स्वयं सहायता समूहों द्वारा स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी दी गई। इस दौरान विभागीय पशुपालन दिग्दर्शिका का भी विमोचन किया गया।
ब्लॉक प्रमुख नवदीप सिंह यादव ने अपने क्षेत्र में इस आयोजन के लिए पशुपालन विभाग का आभार व्यक्त किया। मेला प्रभारी डॉ. अखिलेश सागर (पशुचिकित्सा अधिकारी, मूढ़ापाण्डे) के प्रयासों से कार्यक्रम सफल रहा। मंच संचालन नीलमणि (पशुधन प्रसार अधिकारी) ने किया, जबकि डॉ. सुबोध कुमार, राजेश कुमार विश्नोई, जितेंद्र सिंह, उमेश कुमार सहित अन्य अधिकारियों ने आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
पशुपालकों की भारी उपस्थिति के बीच यह मेला मंडल स्तर पर पशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
