अमरोहा। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) संयुक्त मोर्चा के मंडलाध्यक्ष एहसान अली ने गजरौला क्षेत्र में रासायनिक कारखानों से निकलने वाले जहरीले अपशिष्ट को गंभीर जनस्वास्थ्य संकट करार दिया है। उन्होंने कहा कि इन कारखानों से छोड़े जा रहे अपशिष्ट के कारण भूजल और बगद नदी का पानी खतरनाक स्तर तक दूषित हो चुका है, जिससे नाईपुरा सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य आपातकाल जैसी स्थिति बन गई है।

एहसान अली के अनुसार, ग्रामीणों को पीने के पानी में जहरीले तत्व मिलने से गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। फसलें बर्बाद हो रही हैं और कई लोगों की असमय मौतें भी हो चुकी हैं। उन्होंने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि निगरानी तंत्र पूरी तरह पंगु साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि इंदौर जैसी जल त्रासदियों के बाद भी जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
रासायनिक कारखानों द्वारा छोड़े जा रहे ज़हरीले उत्सर्जन के विरोध में भारतीय किसान यूनियन संयुक्त मोर्चा के तत्वावधान में शहबाजपुर डोर (एनएच-9 किनारे) पर चल रहा बेमियादी धरना बुधवार को 67वें दिन भी जारी रहा। किसान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, संबंधित कारखानों और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

एहसान अली ने कहा कि शासन-प्रशासन दूषित जल की सूक्ष्म निगरानी में असफल साबित हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले न्यायपालिका, मानवाधिकार संस्थाएं और राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) स्वतः संज्ञान लेकर नागरिक हितों की रक्षा करती थीं, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में अपेक्षित सक्रियता दिखाई नहीं दे रही है।
गजरौला नगरपालिका के पूर्व सभासद संजीव अग्रवाल और प्रकाश सैनी सहित क्षेत्र के अनेक जिम्मेदार नागरिकों ने एक स्वर में मांग की कि बगद नदी और भूमिगत जल की नियमित जांच और सख्त निगरानी सुनिश्चित की जाए। साथ ही स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर प्रभावित लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने प्रशासन से दूषित मिट्टी, हवा और पानी के सुधार के लिए ठोस और समयबद्ध कदम उठाने की मांग की।

किसानों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाली त्रासदी पूरे सिस्टम की विफलता का प्रमाण बन जाएगी। धरने में सैकड़ों किसान, महिलाएं और ग्रामीण शामिल रहे, जो कारखानों पर कड़ी कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग पर अड़े हैं। यह आंदोलन अब क्षेत्र में पर्यावरणीय न्याय और जनस्वास्थ्य सुरक्षा की सामूहिक आवाज बन चुका है।
इस अवसर पर युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष तेजपाल सिंह, होमपाल सिंह, हाजी नन्नू सैफी, ओमप्रकाश सिंह, रामप्रसाद सिंह, जयपाल सिंह, मंसूर अली, गंगाराम सिंह, समरपाल सैनी, दिलशाद सलमानी, शमशाद सलमानी, विजय सिंह, पृथ्वी सिंह, महेंद्र सिंह सहित क्षेत्र के अनेक जागरूक किसान उपस्थित रहे।
