अमरोहा। उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के गजरौला क्षेत्र स्थित नाईपुरा गांव के किसान दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे-09 किनारे शहबाजपुर डोर पर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) संयुक्त मोर्चा के बैनर तले दूषित जल के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरने पर डटे हुए हैं। यह धरना शुक्रवार को अपने 76वें दिन में प्रवेश कर गया है और किसान अब तक अपनी मांगों पर अडिग हैं।

रासायनिक कारखानों के जहरीले अपशिष्ट से भूजल पूरी तरह दूषित हो चुका है। हैंडपंप से निकलने वाला पानी पीला, बदबूदार और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो गया है। इससे फसलें बर्बाद हो रही हैं, पशु प्रभावित हो रहे हैं और ग्रामीणों में बीमारियां बढ़ रही हैं। किसान इसे ‘साइलेंट किलर’ बता रहे हैं, जो उनकी आजीविका और ग्रामीण अस्मिता को छीन रहा है।

भाकियू संयुक्त मोर्चा के मंडलाध्यक्ष एहसान अली ने कहा कि कठिन ग्रामीण जीवन, बेरोजगारी और रासायनिक कारखानों के अन्याय के बीच यह धरना प्रकृति, मनुष्य और ग्रामीण जीवन के गहरे संबंध को उजागर करता है। उन्होंने तीखा सवाल उठाया, “पेड़ों (किसानों) को मुख्यधारा में लाने की बात की जाती है, लेकिन जल-जंगल-जमीन से उखाड़कर क्या वे कभी मुख्यधारा में आ पाएंगे? बस इसलिए उन्हें काट दिया जाता है।” नाईपुरा के किसानों को विकास की सबसे बड़ी कीमत चुकानी पड़ रही है, जिसे उन्होंने खुद नहीं चुना।

एहसान अली ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने जांच कमेटी गठित की, लेकिन रिपोर्ट दबाई जा रही है और कार्रवाई में जानबूझकर देरी की जा रही है। प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। किसानों ने होली जैसे त्योहारों का बहिष्कार भी किया और चेतावनी दी कि जब तक भूजल की शुद्धि, प्रदूषकों पर सख्त कार्रवाई और स्थायी समाधान नहीं मिलता, धरना जारी रहेगा।

यह आंदोलन न केवल जल संकट बल्कि पर्यावरणीय अन्याय और किसानों के अधिकारों के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि विकास के नाम पर उनकी जमीन, पानी और जीवन छीना जा रहा है।

इस मौके पर तेजपाल सिंह,समरपाल सैनी,होमपाल सिंह, ओम प्रकाश सिंह, रामोतार सिंह,पृथ्वी सिंह, शीशपाल सिंह, विजय सिंह, जसवंत सिंह,साबिर चौधरी, श्रीमती नूर जहां, श्रीमती कृष्णा, श्रीमती वीरवती देवी, श्रीमती मुनेश देवी, श्रीमती दयावती देवी, श्रीमती संतोष देवी, श्रीमती ओमवती देवी, श्रीमती मीरा देवी तथा श्रीमती वीरा देवी समेत इलाके की सैकड़ों महिलाएं व पुरुष धरना स्थल पर मौजूद रहे।
