उत्तर प्रदेश के इटावा जिला अस्पताल की इमरजेंसी में उस समय भारी हंगामा हुआ जब एक मरीज ने ऑन-ड्यूटी डॉक्टर को गुटखा/मसाला खाते हुए मरीजों का इलाज करते देखा।
विवाद का कारण: राजस्थान का एक युवक, अशोक मीणा, बंदर के काटने के बाद एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने अस्पताल पहुंचा था। उसने देखा कि वहां तैनात डॉ. राहुल बाबू गुटखा चबा रहे थे। जब युवक ने इस पर आपत्ति जताई, तो डॉक्टर ने उसे इंजेक्शन लगाने से मना कर दिया।
पुलिस को बुलाया: डॉक्टर के व्यवहार और इलाज से इनकार करने पर युवक ने डायल 112 पर कॉल करके पुलिस बुला ली।
हाई-वोल्टेज ड्रामा: पुलिस के आने पर भी मामला शांत नहीं हुआ। युवक ने यह कहते हुए इंजेक्शन लगवाने से मना कर दिया कि डॉक्टर उसे जहर का इंजेक्शन लगा सकते हैं। उसने पुलिस पर भी डॉक्टर से मिले होने का आरोप लगाया। इस हंगामे के कारण अस्पताल की इमरजेंसी सेवाएं लगभग आधे घंटे तक बाधित रहीं।
इसी तरह का एक अन्य मामला दिसंबर 2025 में बिहार के औरंगाबाद सदर अस्पताल में भी सामने आया था, जहां एक डॉक्टर गुटखा खाकर इलाज करते हुए और टोकने पर परिजनों से अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए कैमरे में कैद हुआ था।
