अलीगढ़/ मुरादाबाद। अलीगढ़ के क्वार्सी थाना क्षेत्र स्थित रत्नेशपुरम कॉलोनी में पैतृक संपत्ति के विवाद ने एक समृद्ध परिवार को सड़क पर ला खड़ा किया है। करोड़ों रुपये की संपत्ति वाले सचदेवा परिवार के सदस्य पिछले दो दिनों से अपने ही घर के बाहर बैठकर न्याय की गुहार लगा रहे हैं। आरोप है कि मुरादाबाद में रहने वाले भाई ने कोठी पर ताला लगवा दिया, जिसके कारण परिवार घर में प्रवेश नहीं कर पा रहा।
जानकारी के अनुसार रत्नेशपुरम में करीब 1800 वर्ग गज में बनी भव्य कोठी को लेकर चार भाइयों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। इस विवाद के चलते रवींद्र सचदेवा का परिवार बीते दो दिनों से घर के बाहर सड़क पर ही रहने को मजबूर है। परिवार के लोग घर के गेट के सामने बैठकर प्रशासन से मदद की मांग कर रहे हैं।
परिजनों का कहना है कि वर्ष 2012 में मामू-भांजा क्षेत्र की पैतृक संपत्ति बेचने के बाद भाइयों के बीच बंटवारे को लेकर विवाद शुरू हुआ था। उस समय 40 लाख रुपये देने का वादा किया गया था, लेकिन यह रकम कभी नहीं दी गई। इसी बीच परिवार के एक बेटे की गंभीर बीमारी के कारण अधिकांश पैसा इलाज में खर्च हो गया, जिससे आर्थिक स्थिति भी कमजोर हो गई।
परिवार का आरोप है कि शुरुआत में अन्य भाइयों ने कुछ समय तक सहयोग किया, लेकिन 2022 के बाद उन्होंने भी दूरी बना ली। अब जब रवींद्र सचदेवा ने दूसरी पारिवारिक संपत्ति में अपना हिस्सा मांगा तो विवाद और बढ़ गया।
बताया जा रहा है कि जिस कोठी को लेकर विवाद है, उसके एक भाई प्रदीप सचदेवा वर्तमान में मुरादाबाद में रहते हैं। आरोप है कि वही कोठी पर ताला लगाकर बाहर चले गए, जबकि अन्य दो भाई भी शहर से बाहर रहते हैं। ताले के कारण रवींद्र सचदेवा का परिवार घर में दाखिल नहीं हो पा रहा और मजबूरन सड़क पर बैठा है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिछले दो दिनों से परिवार घर के बाहर ही बैठा हुआ है, जिससे पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें उनके हिस्से का अधिकार दिलाया जाए और घर में प्रवेश कराया जाए।
अब देखना यह है कि मुरादाबाद में रहने वाले भाई और अन्य परिजनों के बीच चल रहे इस संपत्ति विवाद में प्रशासन क्या कदम उठाता है, ताकि सड़क पर बैठा परिवार अपने ही घर में लौट सके।
