मुरादाबाद। ईद को लेकर पूर्व सांसद आजम खान के नाम पर कथित संदेश जारी करना समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेता यूसुफ मलिक को महंगा पड़ गया है। रामपुर पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को सक्रिय कर दिया गया है।
बताया जा रहा है कि दो दिन पहले मुरादाबाद के सपा नेता युसुफ मलिक ने मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक बयान जारी किया था। इस बयान में उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने रामपुर जिला कारागार में बंद सपा नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्लाह आजम खान से मुलाकात की है।
युसुफ मलिक ने कहा था कि जेल में बंद आजम खां ने उनके माध्यम से मुसलमानों के लिए एक संदेश दिया है। उनके अनुसार, ईरान में एक स्कूल में बच्चों की मौत पर शोक जताने के लिए ईद सादगी के साथ मनाने और काले कपड़े पहनकर नमाज अदा करने की अपील की गई है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि आजम खां ने सुन्नी मुसलमानों से ईद की नमाज के दौरान बांह पर काली पट्टी बांधने की भी बात कही है।
यह बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया और कई निजी चैनलों पर तेजी से वायरल हो गया। बयान के वायरल होते ही पुलिस और खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गईं और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई। प्रारंभिक जांच में इस तरह का संदेश जेल से जारी होने की पुष्टि नहीं हो सकी।
इसके बाद रामपुर के गंज पुलिस स्टेशन में युसुफ मलिक के खिलाफ भ्रामक और गलत बयान देने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि इस तरह के बयान से सामाजिक माहौल प्रभावित हो सकता है, इसलिए मामले को गंभीरता से लिया गया है।
फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में दबिश दे रही है और मामले की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
