दिल्ली के पालम (साध नगर) इलाके में आज सुबह (18 मार्च, 2026) एक बेहद हृदयविदारक घटना घटी। एक बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लगने से एक ही परिवार के 7 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जिसमें 3 मासूम बच्चे भी शामिल हैं।
घटना कैसे हुई?
- समय और स्थान: आग सुबह करीब 7:00 बजे पालम के साध नगर की गली नंबर-2 में स्थित एक 5-मंजिला इमारत में लगी। यह इमारत पालम मेट्रो स्टेशन के पास घनी आबादी वाले क्षेत्र में है।
- शुरुआत: चश्मदीदों के अनुसार, आग सबसे पहले इमारत के निचले हिस्से (ग्राउंड फ्लोर या बेसमेंट) में लगी, जहाँ भारी मात्रा में कपड़ों और कॉस्मेटिक्स का स्टॉक रखा था। ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया।
हादसे की भयावहता
- दम घुटने से मौत: आग की लपटें इतनी तेज थीं कि जहरीला धुआं ऊपर की मंजिलों तक फैल गया। ऊपरी मंजिल पर सो रहे परिवार को भागने का मौका नहीं मिला। ज्यादातर मौतें दम घुटने और जलने के कारण हुईं।
- जान बचाने की कोशिश: आग से बचने के लिए परिवार के दो सदस्यों ने इमारत से छलांग लगा दी। वे गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में वेंटिलेटर पर हैं।
- पीड़ित: मृतकों में 3 बच्चे, 2 महिलाएं और 2 पुरुष शामिल हैं। ये सभी एक ही परिवार के सदस्य थे जो वहां सालों से रह रहे थे।
राहत और बचाव कार्य
- फायर ब्रिगेड: सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस की 30 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। संकरी गलियां होने के कारण दमकलकर्मियों को अंदर पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
- रेस्क्यू: घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया और फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला गया। सभी घायलों को तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने 7 लोगों को मृत घोषित कर दिया।
आग का कारण
- शुरुआती जांच में आग लगने की मुख्य वजह शॉर्ट-सर्किट बताई जा रही है। हालांकि, पुलिस और फॉरेंसिक टीमें इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या इमारत में सुरक्षा नियमों (Fire Safety Norms) का उल्लंघन किया गया था, क्योंकि आवासीय इमारत के नीचे व्यावसायिक गोदाम चलाया जा रहा था।
दिल्ली के मुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
