मुरादाबाद। जनपद के ग्राम लोदीपुर जवाहर नगर (तहसील सदर) में वक्फ और सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर कथित अवैध कब्जे का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं ने जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि गाटा संख्या 349, 352 और 353 की जमीन—जिसमें ग्राम समाज की भूमि, रास्ता, खाद गड्ढे और वक्फ संपत्ति शामिल बताई जा रही है—पर कुछ प्रभावशाली लोगों ने कब्जा कर लिया है और वहां निर्माण के साथ प्लॉटिंग का कार्य भी किया जा रहा है।
शिकायत के अनुसार, इस अवैध कब्जे के चलते स्थानीय लोगों के आवागमन में दिक्कतें पैदा हो रही हैं और सार्वजनिक संसाधनों को नुकसान पहुंच रहा है। आरोप यह भी है कि इस पूरे मामले की जानकारी राजस्व विभाग के अधिकारियों को पहले ही दी जा चुकी थी, लेकिन समय पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे कब्जाधारियों के हौसले और बुलंद हो गए।

मामले को लेकर शिकायतकर्ता इंजीनियर मोहम्मद मुमताज़ ने बताया कि उन्होंने सीधे जिलाधिकारी अनुज कुमार सिंह से मिलकर पूरे प्रकरण की शिकायत की है। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।
इसी बीच, विवाद ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब शिकायतकर्ताओं ने एक महिला लेखपाल पर कार्रवाई के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया। इस आरोप ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि जहां एक ओर अवैध कब्जे को तत्काल हटाया जाए, वहीं दूसरी ओर रिश्वतखोरी के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर संबंधित कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते वक्फ और सार्वजनिक जमीन को अतिक्रमण से मुक्त नहीं कराया गया, तो इससे न केवल सरकारी और धार्मिक संपत्तियों की सुरक्षा पर संकट गहराएगा, बल्कि प्रशासन की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में आ जाएगी। फिलहाल, जिलाधिकारी के जांच आदेश के बाद पूरे मामले पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
