पीएम मोदी ने आज राज्यसभा में पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे जहाजों और उनमें मौजूद भारतीय क्रू मेंबर्स को लेकर चिंता जताई।
प्रधानमंत्री ने कहा कि तीन हफ्तों से अधिक समय से जारी इस संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहा है, जिसका प्रभाव भारत पर भी देखने को मिल रहा है। खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय काम करते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा भारत के लिए बेहद अहम है।
सरकार की तैयारियों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने भरोसा दिलाया कि देश में कच्चे तेल की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में अपने रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार को मजबूत किया है और अब ऊर्जा आपूर्ति के लिए ज्यादा देशों पर निर्भरता बढ़ाई गई है, ताकि किसी एक स्रोत पर निर्भरता कम हो।
इसके साथ ही, प्रधानमंत्री ने राज्य सरकारों को जमाखोरी रोकने के निर्देश दिए और ‘मेड इन इंडिया’ जहाजों के जरिए आपूर्ति तंत्र को मजबूत करने की योजना भी सामने रखी।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत लगातार ईरान, इजरायल और अमेरिका समेत सभी संबंधित देशों के संपर्क में है। उन्होंने साफ किया कि भारत का लक्ष्य बातचीत और कूटनीति के जरिए क्षेत्र में शांति बहाल करना है और वैश्विक व्यापार के लिए जरूरी समुद्री रास्तों को सुचारू रखना है।
नरेंद्र मोदी ने मौजूदा हालात में मुनाफाखोरी करने वालों पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि काला बाजारी और जमाखोरी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसको लेकर राज्य सरकारों को दो अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं—पहली, जरूरी सामानों की लगातार निगरानी रखना और दूसरी, जहां भी जमाखोरी की खबर मिले, वहां तुरंत कड़ी कार्रवाई करना। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे संकट के समय आम जनता को महंगाई से बचाना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में हुए नुकसान की भरपाई में लंबा समय लगने की बात कही, लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर भरोसा भी जताया। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक नींव मजबूत है और हालात से निपटने के लिए एक इंटर-मिनिस्ट्रियल ग्रुप बनाया गया है, जो लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है।
सरकार ऊर्जा आपूर्ति को संतुलित रखने के लिए एलपीजी के साथ-साथ पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही है, ताकि घरों तक गैस की सप्लाई बिना रुकावट जारी रह सके।
