आईपीएल 2026 सीजन शुरू होने से पहले एक बड़ी कारोबारी डील सामने आई है। लीग की पहली चैंपियन टीम राजस्थान रॉयल्स अब नए मालिकों के हाथ में जाने वाली है। लंबे समय से चल रही प्रक्रिया के बाद आखिरकार करीब 1.65 बिलियन डॉलर (लगभग 15 हजार करोड़ रुपये) की रिकॉर्ड बोली पर इस फ्रेंचाइजी की बिक्री तय हो गई है।
अमेरिका के कारोबारी काल सोमानी और उनके नेतृत्व वाले निवेशक समूह ने सबसे ऊंची बोली लगाकर राजस्थान रॉयल्स का अधिग्रहण कर लिया है। इस सौदे को मंजूरी भी मिल चुकी है।
अब तक टीम की कमान भारतीय मूल के ब्रिटिश बिजनेसमैन मनोज बदाले के पास थी, जिनकी करीब 65 फीसदी हिस्सेदारी थी। इसके अलावा अमेरिकी इन्वेस्टमेंट फर्म रेडबर्ड कैपिटल के पास 15 फीसदी, जबकि ब्रिटिश उद्योगपति लछलन मर्डोक के पास 13 फीसदी हिस्सेदारी थी। बाकी 7 फीसदी शेयर अन्य निवेशकों के पास थे।
पिछले सीजन के खत्म होने के बाद ही टीम को बेचने का फैसला लिया गया था, जिसके बाद कई बड़े बिजनेस ग्रुप इस रेस में शामिल हुए। 15 मार्च को बोली की आखिरी तारीख थी, जहां काल सोमानी के नेतृत्व वाले समूह ने सबसे बड़ी पेशकश करते हुए फ्रेंचाइजी की 100 फीसदी हिस्सेदारी हासिल कर ली।
काल सोमानी आईटी सर्विस कंपनी इंट्राऐज (IntraEdge) के मालिक हैं और पहले से ही टीम में उनकी छोटी हिस्सेदारी मौजूद थी।
माना जा रहा है कि यह बदलाव अगले आईपीएल सीजन से लागू होगा। इस निवेशक समूह में वॉलमार्ट से जुड़े वॉल्टन परिवार के रॉब वॉल्टन और फोर्ड मोटर कंपनी से जुड़ी शीला फोर्ड हैम्प भी शामिल हैं। हालांकि, इस डील में किसकी कितनी हिस्सेदारी होगी, इसका खुलासा अभी नहीं किया गया है।
