मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों के लिए खर्च बढ़ने वाला है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने टोल दरों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है, जो 31 मार्च की आधी रात से लागू होगी। नई दरों में अलग-अलग श्रेणियों के वाहनों पर करीब 5 रुपये से लेकर 45 रुपये तक की वृद्धि की गई है।
मेरठ से सराय काले खां तक सफर करने वाले हल्के वाहनों—जैसे कार, जीप और वैन—के लिए अब टोल 170 रुपये से बढ़ाकर 175 रुपये कर दिया गया है। अगर कोई वाहन 24 घंटे के भीतर वापसी करता है, तो उसे 255 रुपये की जगह 265 रुपये चुकाने होंगे।
वहीं, मिनी बसों के लिए टोल 275 रुपये से बढ़ाकर 285 रुपये कर दिया गया है। 24 घंटे में वापसी पर यह शुल्क 415 रुपये से बढ़कर 425 रुपये हो जाएगा। बस और ट्रक जैसे बड़े वाहनों के लिए भी टोल दरों में इजाफा हुआ है—अब 580 रुपये की जगह 595 रुपये देने होंगे, जबकि रिटर्न ट्रिप पर 870 रुपये की बजाय 890 रुपये चुकाने होंगे।
मल्टी एक्सल और भारी वाहनों पर भी टोल बढ़ाया गया है। अलग-अलग कैटेगरी में अब 630 की जगह 645 रुपये, 905 की जगह 930 रुपये और 1105 की जगह 1130 रुपये टोल लिया जाएगा। वहीं, 24 घंटे के भीतर आने-जाने पर क्रमशः 970, 1395 और 1700 रुपये तक का भुगतान करना होगा।
इस बढ़ोतरी का असर आम यात्रियों के साथ-साथ माल ढुलाई पर भी पड़ेगा। रोजाना एक्सप्रेसवे इस्तेमाल करने वालों की जेब पर इसका सीधा असर दिखेगा, जबकि ट्रांसपोर्ट से जुड़ी लागत भी बढ़ सकती है। यह संशोधन हर साल होने वाली औसत वृद्धि के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लागू किया गया है।
