मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बनी आशंकाओं के बीच देश के कुछ राज्यों में पेट्रोल-डीजल की किल्लत की खबरें तेजी से फैलने लगीं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे भ्रामक संदेशों ने मध्य प्रदेश और गुजरात के कई शहरों में लोगों को घबराहट में ला दिया। इंदौर, आगर मालवा, मंदसौर के साथ-साथ अहमदाबाद और राजकोट जैसे शहरों में लोग बड़ी संख्या में पेट्रोल पंपों पर पहुंच गए। हालात ऐसे बन गए कि लोग सिर्फ गाड़ियों में ही नहीं, बल्कि डिब्बों और बोतलों में भी ईंधन भरने लगे, जिससे कई पंपों का स्टॉक जल्दी खत्म हो गया और उन्हें अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा।
मालवा क्षेत्र में स्थिति ज्यादा तनावपूर्ण नजर आई। इंदौर में सुबह से ही कई पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गईं और लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा। कुछ जगहों पर ग्राहकों और कर्मचारियों के बीच बहस भी देखने को मिली। आगर मालवा में किसान ट्रैक्टरों के साथ बड़े कंटेनर लेकर पहुंचे, वहीं एम्बुलेंस तक को लाइन में लगना पड़ा। मंदसौर और नीमच में भी जरूरत से ज्यादा ईंधन लेने की होड़ लग गई। भीड़ को संभालने के लिए कुछ पंप संचालकों ने अपने डिस्प्ले बोर्ड तक ढक दिए ताकि और लोग न जुटें।
गुजरात में भी यही स्थिति देखने को मिली। अहमदाबाद से शुरू हुई अफवाहें वडोदरा, गांधीनगर, सूरत और राजकोट तक फैल गईं। दफ्तरों से लौटते समय लोग सीधे पेट्रोल पंपों की ओर मुड़ गए, जिससे देर रात तक जाम और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। हालांकि सरकार और तेल कंपनियों ने साफ किया कि सप्लाई में कोई दिक्कत नहीं है, फिर भी लोगों में डर बना रहा। राजकोट में एक पेट्रोल डीलर एसोसिएशन के पदाधिकारी पर गलत जानकारी फैलाने के आरोप में शिकायत तक दर्ज कराई गई।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। इंदौर और आगर मालवा के अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है और सप्लाई लगातार जारी है। लोगों से अपील की गई है कि वे घबराकर जरूरत से ज्यादा खरीदारी न करें। साथ ही, सरकार ने चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने या कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने भी जनता से संयम बरतने और केवल आवश्यकता अनुसार ही ईंधन लेने की अपील की है।
