दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शनिवार सुबह अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब विशाखापत्तनम से राजधानी आ रही इंडिगो की एक उड़ान में तकनीकी गड़बड़ी की सूचना मिली। विमान के इंजन में समस्या की आशंका के बाद एयरपोर्ट प्रशासन ने तुरंत रनवे 28 पर फुल इमरजेंसी लागू कर दी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एयरपोर्ट की सभी आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय कर दिया गया। रनवे पर पहले से ही दमकल की गाड़ियां, एम्बुलेंस और सुरक्षा टीमें तैनात कर दी गईं, ताकि किसी भी संभावित खतरे से तुरंत निपटा जा सके।
इस बीच पायलट ने बेहद सूझबूझ और सतर्कता का परिचय देते हुए विमान को सुबह 10 बजकर 54 मिनट पर सुरक्षित रूप से रनवे 28 पर उतार दिया। समय रहते उठाए गए कदमों की वजह से एक बड़ा हादसा टल गया।
प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी सामने आने के बाद एहतियातन इमरजेंसी कॉल की गई थी। इसके बाद एयरपोर्ट से जुड़ी सभी एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया।
विमान में उस समय 161 यात्री सवार थे। सुरक्षित लैंडिंग के तुरंत बाद सभी यात्रियों को सावधानीपूर्वक विमान से बाहर निकाला गया। स्वास्थ्य जांच और सुरक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद यात्रियों को उनके आगे के गंतव्य के लिए भेज दिया गया।
फिलहाल इंडिगो की तकनीकी टीम विमान की विस्तृत जांच में जुटी है, ताकि यह साफ हो सके कि खराबी कितनी गंभीर थी और इसके पीछे असली वजह क्या रही।
वहीं, हालिया ऑडिट रिपोर्ट ने भी विमानन सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2025 से फरवरी 2026 के बीच 754 विमानों की जांच की गई, जिनमें से 377 विमानों में बार-बार तकनीकी खामियां सामने आईं। ऐसे में आज की यह इमरजेंसी लैंडिंग सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि विमानन सुरक्षा से जुड़े बड़े सवाल भी खड़े कर रही है।
