मुरादाबाद। फलाहे दारैन इंटर कॉलेज में बुधवार को एक गरिमामय और भावनात्मक समारोह के बीच प्रधानाचार्य जनाब रफीउद्दीन साहब को उनके सेवानिवृत्ति (31 मार्च 2026) पर भव्य विदाई दी गई। लगभग 31 वर्षों तक बतौर प्रधानाचार्य अपनी उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले रफीउद्दीन साहब के सम्मान में आयोजित इस फेयरवेल कार्यक्रम में कॉलेज परिवार, प्रबंधन समिति एवं शहर के गणमान्य लोगों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

समारोह में कॉलेज मैनेजिंग कमेटी के सरपरस्त मशहूद अख्तर साहब, सदर हसनैन अख्तर साहब, मैनेजर शहजाद अनवर शम्सी, खजांची शमसुर रहमान शम्सी एडवोकेट, नायब मैनेजर अशरफ अजीम शम्सी, विकार अहमद शम्सी (नवाब भाई), नदीम अनवर शम्सी, मोहम्मद उजैर शम्सी सहित अनेक सम्मानित सदस्य मौजूद रहे। इसके अलावा हैविट मुस्लिम इंटर कॉलेज की मैनेजिंग कमेटी के सदर जईम चौधरी, मैनेजर मुफ्ती मोहम्मद आज़म, प्रधानाचार्य नौमान जलील तथा अब्बास इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य समेत विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर रफीउद्दीन साहब के योगदान को सराहा।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने रफीउद्दीन साहब के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका कार्यकाल अनुशासन, शैक्षिक गुणवत्ता और संस्थान के समग्र विकास के लिए समर्पित रहा। उनके नेतृत्व में कॉलेज ने नई ऊंचाइयों को छुआ और शिक्षा के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाई।

मैनेजर शहजाद अनवर शम्सी का प्रभावशाली वक्तव्य
इस अवसर पर कॉलेज के मैनेजर शहजाद अनवर शम्सी ने अपने संबोधन में कहा कि “रफीउद्दीन साहब केवल एक प्रधानाचार्य नहीं, बल्कि इस संस्थान की आत्मा रहे हैं। उन्होंने अपनी ईमानदारी, लगन और दूरदर्शिता से फलाहे दारैन इंटर कॉलेज को नई पहचान दिलाई। उनका 31 वर्षों का सेवाकाल हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने न सिर्फ विद्यार्थियों को शिक्षा दी, बल्कि उन्हें एक बेहतर इंसान बनने की राह भी दिखाई। ऐसे व्यक्तित्व का स्थान लेना आसान नहीं है, लेकिन उनकी शिक्षाएं और आदर्श हमेशा हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे।”
उन्होंने आगे कहा कि संस्था उनके योगदान को कभी नहीं भूल सकती और भविष्य में भी उनके अनुभव का लाभ लेने का प्रयास किया जाएगा।

समारोह के दौरान रफीउद्दीन साहब की गुलपोशी कर उन्हें शॉल व स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। शिक्षकों और कर्मचारियों ने उन्हें भावभीनी विदाई देते हुए उनके स्वस्थ, सुखद और दीर्घायु जीवन की कामना की।
कार्यक्रम का संचालन मोहम्मद अरशद अली साहब ने कुशलतापूर्वक किया, जिससे पूरा आयोजन सुव्यवस्थित और प्रभावशाली बना रहा।

अपने विदाई संबोधन में रफीउद्दीन साहब ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए अपने लंबे कार्यकाल की यादें साझा कीं और कहा कि उन्हें इस संस्थान से जो सम्मान और स्नेह मिला है, वह उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने आशा जताई कि कॉलेज आगे भी शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।

सेवानिवृत्ति के पश्चात कॉलेज के वरिष्ठतम शिक्षक इरशाद हुसैन साहब को कार्यवाहक प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे संस्थान के सुचारू संचालन की निरंतरता बनी रहेगी।
