मुरादाबाद। जनपद में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में एक कुख्यात शार्प शूटर को मार गिराया गया। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में पोस्टमार्टम हाउस के पास हुई इस कार्रवाई में मारे गए बदमाश की पहचान आशु उर्फ मोंटी के रूप में हुई है, जो कुख्यात उधम सिंह गैंग का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है।

पुलिस के अनुसार, मृतक आशु पर हत्या, लूट और रंगदारी समेत करीब 36 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था। 12 मार्च को उसने महानगर के रामगंगा विहार स्थित शुभम ग्रीन विला निवासी निर्यातक अर्शू ढल से फोन कर 5 करोड़ की रंगदारी मांगी थी। अर्शू ढल की कांठ रोड पर प्रेम नगर में वजीरचंद एक्सपोर्ट फर्म है। 14 मार्च को फिर आशु उर्फ मोंटी ने निर्यातक को मैसेज कर जान से मारने की धमकी भी दी थी। इसके अगले ही दिन बाइक सवार बदमाशों ने अर्शू ढल की फर्म के गेट पर पहुंचकर फायरिंग की थी। जिसके बाद पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी।
बताया जा रहा है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात अपराधी उधम सिंह की हाल ही में जमानत पर रिहाई के बाद पूरे क्षेत्र में पुलिस को अलर्ट कर दिया गया था। इसी क्रम में मेरठ एसटीएफ और मुरादाबाद पुलिस भी सक्रिय थी और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही थी।
घटना के दौरान थाना सिविल लाइंस पुलिस टीम ने जब संदिग्ध को रोकने का प्रयास किया तो उसने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें आशु उर्फ मोंटी घायल हो गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सिविल लाइंस पुलिस ने आशु के पास से एक स्विफ्ट कार, 32 बोर की पिस्टल, 32 बोर का एक रिवॉल्वर, 12 बोर की बंदूक, भारी मात्रा में खोखा और कारतूस बरामद किए हैं।

जानकारी के मुताबिक, आशु का आपराधिक सफर वर्ष 2010 में एक हत्या के मामले से शुरू हुआ था, जब वह जेल गया था। जेल में ही उसकी पहचान उधम सिंह गैंग के सदस्यों से हुई और रिहा होने के बाद वह इस गैंग का सक्रिय हिस्सा बन गया। इसके बाद उसने अपराध को ही अपना पेशा बना लिया और कई संगीन वारदातों को अंजाम दिया।
मुठभेड़ की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल सहित कई पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए और पूरे घटनाक्रम का जायजा लिया। फिलहाल पुलिस द्वारा आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है@जफर-INN
