मुरादाबाद। अनुज सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में 50 लाख रुपये से अधिक लागत वाली निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट संदेश दिया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान कई अधिकारियों की अनुपस्थिति और प्रतिनिधि भेजने की प्रवृत्ति पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने दो टूक कहा कि भविष्य में अधिकारी स्वयं उपस्थित होकर जवाबदेही सुनिश्चित करें, अन्यथा सख्त कार्रवाई तय है। जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता का समय पर उपस्थित न होना, डायट प्राचार्य की गैरहाजिरी और यूपी सिडको के अधिशासी अभियंता द्वारा अधीनस्थ को भेजना, प्रशासन की नजर में गंभीर लापरवाही मानी गई।

गागन नदी पर क्षतिग्रस्त सेतु के स्थान पर नए पुल, पहुंच मार्ग एवं सुरक्षात्मक कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए डीएम ने कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। सेतु निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि 18.44 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस प्रोजेक्ट की वर्तमान प्रगति 38 प्रतिशत है और इसे 31 दिसंबर 2027 तक पूर्ण किया जाना है। जिलाधिकारी ने आमजन की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए समयसीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा।
गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय से जुड़े निर्माण कार्यों की समीक्षा में सामने आया कि लगभग 76 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। डीएम ने मई 2026 तक हर हाल में कार्य पूरा करने के निर्देश देते हुए जनशक्ति बढ़ाने और कार्य की गति तेज करने को कहा। साथ ही गुणवत्ता मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता न करने की सख्त हिदायत दी।

डॉ भीमराव अंबेडकर पुलिस अकादमी में क्षमता विस्तार के तहत अनावासीय भवन निर्माण कार्य 71 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है, जिसे 31 मई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। वहीं, नवीन थाना सोनकपुर में मात्र 25 प्रतिशत प्रगति पर डीएम ने कार्यदायी संस्था से जवाब तलब करते हुए तेजी लाने के निर्देश दिए।
इसके अलावा राजकीय परिक्षेत्र रौंडा के सुदृढ़ीकरण, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय ठाकुरद्वारा में एकेडमिक ब्लॉक एवं छात्रावास निर्माण, रतनपुर कला में ग्रामीण स्टेडियम एवं ओपन जिम, गन्ना किसान संस्थान प्रशिक्षण केंद्र, थाना बिलारी के प्रशासनिक भवन और मुख्यमंत्री अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय समेत कई परियोजनाओं की गहन समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि तय समयसीमा के भीतर सभी परियोजनाएं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण की जाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में देरी या मानकों में कमी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं होगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सुश्री मृणाली अविनाश जोशी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और परियोजना प्रबंधक उपस्थित रहे।
