मुरादाबाद। आयुक्त सभागार में निपुण भारत मिशन के अंतर्गत संभल और मुरादाबाद जनपद के लगभग 70 अकादमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) के लिए मंडल स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) एवं निपुण सेल द्वारा आयोजित यह अपने प्रकार की पहली कार्यशाला रही, जिसका उद्देश्य एआरपी को उनके दायित्वों के प्रति अधिक सक्षम एवं प्रशिक्षित बनाना था।
कार्यशाला में मंडलायुक्त आञ्जनेय कुमार सिंह, जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया तथा मुख्य विकास अधिकारी मृणाली अविनाश जोशी ने प्रतिभाग कर शिक्षकों एवं एआरपी को प्रेरित किया। कार्यक्रम में एसआरपी, बीईओ एवं डायट मेंटर भी उपस्थित रहे।

मंडलायुक्त आञ्जनेय कुमार सिंह ने अपने संबोधन में फाउंडेशनल लर्निंग के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षक और विद्यार्थी शिक्षा व्यवस्था के दो सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बच्चों की बुनियादी सीखने की क्षमता को मजबूत बनाने की आवश्यकता बताई।
जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने विद्यालयों में “मिशन क, ख, ग, घ” की शुरुआत करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि “क” से कहानी एवं कल्पनाशीलता, “ख” से खेल एवं खिलौने, “ग” से गीत एवं गतिविधियां तथा “घ” से घनिष्ठता एवं घर जैसा वातावरण विकसित कर बच्चों को रुचिकर शिक्षण उपलब्ध कराया जाए।
मुख्य विकास अधिकारी मृणाली अविनाश जोशी ने शिक्षकों को स्ट्रक्चर्ड पेडागॉजी एवं साइंस ऑफ लर्निंग पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। कार्यशाला में प्राथमिकता कक्षा 1 और 2 के विद्यार्थियों की भाषा एवं गणितीय दक्षता को मजबूत बनाने पर केंद्रित रही।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल पांच सत्र आयोजित किए गए, जिनमें एआरपी को संदर्शिका के प्रभावी उपयोग, ईएलपीएस तथा फोर ब्लॉक फ्रेमवर्क जैसी शिक्षण विधियों की जानकारी दी गई। साथ ही अवलोकन पत्र के महत्व एवं उसके प्रभावी उपयोग पर भी विस्तार से प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
कार्यशाला में एडी बेसिक बुद्ध प्रिय, संदर्भदाता आशुतोष त्यागी, डॉ. सचिन शुक्ला, शालिनी सक्सैना, राशिद अली तथा श्रवण कुमार सहित अनेक शिक्षा अधिकारी एवं प्रशिक्षक मौजूद रहे।
