मेरठ। 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम के वास्तविक सूत्रधार और मेरठ क्रांति के प्रणेता शहीद धनसिंह कोतवाल की वीरगाथा को देश के इतिहास में उचित स्थान दिलाने की मांग शुक्रवार को जोरदार तरीके से उठी। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अटल सभागार में शहीद धनसिंह कोतवाल शोध संस्थान द्वारा आयोजित भव्य राष्ट्रीय संगोष्ठी में वक्ताओं ने उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करने तथा उनकी संघर्ष गाथा को स्कूलों और विश्वविद्यालयों की पाठ्यपुस्तकों में शामिल किए जाने की मांग की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मेरठ-हापुड़ सांसद अरुण गोविल ने कहा कि धनसिंह कोतवाल द्वारा शुरू की गई क्रांति की निरंतरता का ही परिणाम था कि वर्ष 1947 में देश को स्वतंत्रता मिली। उन्होंने कहा कि ऐसे महान क्रांतिकारियों को इतिहास में उचित सम्मान मिलना चाहिए।

शोध संस्थान के चेयरमैन तस्वीर सिंह चपराना ने बताया कि संस्थान अब तक धनसिंह कोतवाल के जीवन और योगदान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 104 कार्यक्रम आयोजित कर चुका है। उन्होंने सरकार से मांग की कि धनसिंह कोतवाल को विभिन्न शिक्षा बोर्डों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व सांसद एवं उड़ीसा भाजपा प्रभारी विजयपाल सिंह तोमर ने कहा कि इतिहास के सत्य को अधिक समय तक छुपाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि मेरठ क्रांति के असली महानायक धनसिंह गुर्जर ही थे।

मेरठ नगर निगम के महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने बताया कि वेदव्यासपुरी में धनसिंह कोतवाल के नाम पर एक विशाल पार्क और भव्य प्रतिमा स्थापित की जा रही है। वहीं कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने कहा कि 10 मई 1857 की रात धनसिंह कोतवाल ने जेल तोड़कर 839 कैदियों को मुक्त कराया था, जिसके बाद क्रांति का बिगुल पूरे देश में गूंज उठा।

लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने धनसिंह कोतवाल को भारत रत्न देने की मांग दोहराई, जबकि पूर्व मंत्री वीरेंद्र सिंह ने उन्हें राष्ट्र का ऐसा नायक बताया जिसने सभी समाजों को साथ लेकर अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष किया।

संगोष्ठी के दौरान ज्योति मोरल द्वारा लिखित पुस्तक “1857 के क्रांतिनायक कोतवाल धनसिंह गुर्जर: एक ऐतिहासिक एवं समाजशास्त्रीय अध्ययन” का विमोचन किया गया। साथ ही ईश्वर चंद्र गंभीर द्वारा लिखित एवं रजनीश शर्मा द्वारा स्वरबद्ध गीत भी रिलीज किया गया।

कार्यक्रम में पर्वतारोही सागर कसाना को देश की ऊंची चोटियों पर धनसिंह कोतवाल को नमन करने के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन सुगम सिंह धामा ने किया।

इस अवसर पर उमेश कुमार पटेल, कमल मलिक, बृजपाल सिंह चौहान, हरवीर पाल, अंकुर मुखिया, रोबिन गुर्जर, रामधन तला, चरण सिंह, राजेंद्र, संजीव नागर, वेदपाल चपराना, सरबजीत सिंह कपूर और देवेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
