सोमनाथ मंदिर में आयोजित ‘अमृत पर्व-2026’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने हिस्सा लिया। पीएम मोदी ने मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल सोमनाथ मंदिर के भव्य शिखर का देश के 11 पवित्र तीर्थों के जल से कुंभाभिषेक किया। इस विशेष अनुष्ठान के लिए खास तौर पर तैयार किए गए विशाल कलश का इस्तेमाल किया गया। मंदिर के 90 मीटर ऊंचे शिखर पर पवित्र जल चढ़ाने के इस ऐतिहासिक समारोह को देखने के लिए देशभर से श्रद्धालु, कलाकार और दर्शक पहुंचे।
यह आयोजन सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण और पुनः प्राण-प्रतिष्ठा के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित ‘सोमनाथ अमृत पर्व-2026’ का हिस्सा है। कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ‘विशेष महापूजा’, ‘कुंभाभिषेक’ और ‘ध्वजारोहण’ जैसे धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल हुए। साथ ही उन्होंने स्मारक डाक टिकट और विशेष स्मारक सिक्का भी जारी किया।
चार दिवसीय यह समारोह 8 से 11 मई तक आयोजित किया जा रहा है। आजादी के बाद पुनर्निर्मित पहले ज्योतिर्लिंग मंदिर के 75 वर्ष पूरे होने पर इस उत्सव को सनातन संस्कृति और विरासत के पुनर्जागरण का प्रतीक माना जा रहा है। मंदिर का पुनर्निर्माण देश के पहले उपप्रधानमंत्री Sardar Vallabhbhai Patel की पहल पर कराया गया था।
आयोजकों के मुताबिक, पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के शिखर पर पहली बार कुंभाभिषेक की रस्म निभाई गई। यह परंपरा आमतौर पर दक्षिण भारत के मंदिरों में हर 10 से 12 साल में शुद्धिकरण अनुष्ठान के रूप में आयोजित होती है। इस आयोजन के लिए 1,100 लीटर क्षमता वाला विशेष कलश तैयार किया गया, जिसका वजन करीब 760 किलोग्राम है। पवित्र जल भरने के बाद इसका कुल वजन लगभग 1.86 मीट्रिक टन हो गया। आठ फीट ऊंचे इस कलश में देश के 11 प्रमुख तीर्थ स्थलों से लाया गया जल रखा गया। कलश को मंदिर के शिखर तक पहुंचाने के लिए 350 टन क्षमता वाली विशेष ऑल-टेरेन क्रेन का इस्तेमाल किया गया, जिसके बूम को 90 मीटर की ऊंचाई तक पहुंचने के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया था।
