एआरपी की अनुपस्थिति पर नाराज़गी, बीएसए को चेतावनी नोटिस जारी करने के निर्देश
मुरादाबाद। डॉ. राजेन्द्र पैंसिया की अध्यक्षता में बेसिक शिक्षा विभाग की डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें जिले की शिक्षा व्यवस्था, विद्यालयों की स्थिति, शिक्षकों की उपस्थिति और छात्र-छात्राओं के शैक्षणिक वातावरण को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए कई अहम निर्देश जारी किए।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से जिले में संचालित कुल विद्यालयों, शिक्षकों और छात्र-छात्राओं की संख्या की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने बैठक में एआरपी की उपस्थिति सुनिश्चित न होने पर नाराज़गी जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पूर्व में निर्देश दिए जाने के बावजूद अधिकारियों की अनुपस्थिति गंभीर लापरवाही है। इस पर उन्होंने बीएसए को संबंधितों के विरुद्ध चेतावनी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
विद्यालयों में वेशभूषा और अनुशासन पर विशेष जोर
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी परिषदीय विद्यालयों में शिक्षक औपचारिक वेशभूषा में विद्यालय आएं। साथ ही छात्र-छात्राएं भी निर्धारित यूनिफॉर्म में ही विद्यालय पहुंचें। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में प्रार्थना, समयबद्ध शिक्षण और मिड डे मील की व्यवस्था शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार ही संचालित होनी चाहिए और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।

शिक्षक सीधे डीएम कार्यालय में कर सकेंगे शिकायत
बैठक में जिलाधिकारी ने बड़ा निर्णय लेते हुए कहा कि विद्यालयों के बाहर जिलाधिकारी, एसएसपी, सीडीओ सहित अन्य अधिकारियों के मोबाइल नंबर अंकित कराए जाएंगे ताकि शिक्षक किसी भी प्रकार की समस्या या शिकायत सीधे प्रशासन तक पहुंचा सकें। उन्होंने साफ कहा कि शिक्षकों के साथ अभद्रता, दबाव या अवैध वसूली जैसी शिकायतें किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी सामग्री की केंद्रीकृत आपूर्ति व्यवस्था गुणवत्ता को प्रभावित करती है। यदि इस प्रकार की कोई शिकायत सामने आई तो संबंधितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। कंपोजिट ग्रांट का उपयोग विद्यालय की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुसार पारदर्शिता के साथ किया जाए।

शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों की उपस्थिति का होगा सत्यापन
जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों की अनुपस्थिति को लेकर लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। उन्होंने आगामी 15 दिनों के भीतर सभी की उपस्थिति का सत्यापन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
कस्तूरबा विद्यालयों की कम उपस्थिति पर सख्ती
बैठक में जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की भी समीक्षा की गई। भगतपुर, मुरादाबाद, ठाकुरद्वारा, डिलारी और छजलैट में संचालित विद्यालयों में बालिकाओं की कम उपस्थिति पर जिलाधिकारी ने नाराज़गी जताई। उन्होंने संबंधित वार्डनों को स्पष्टीकरण नोटिस जारी करने तथा खंड शिक्षा अधिकारियों को चेतावनी नोटिस देने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि कस्तूरबा विद्यालयों में तैयार होने वाले नाश्ते और भोजन की फोटो प्रतिदिन व्हाट्सऐप ग्रुप पर साझा की जाए। साथ ही बालिकाओं को अहिल्याबाई होल्कर के जीवन पर आधारित धारावाहिक भी दिखाया जाएगा, जिससे छात्राएं उनके न्यायप्रिय और प्रेरणादायी व्यक्तित्व से परिचित हो सकें।

निरीक्षण के दौरान प्रधानाध्यापक की कुर्सी पर नहीं बैठेंगे अधिकारी
जिलाधिकारी ने विद्यालय निरीक्षण को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के लिए नामित अधिकारी प्रधानाध्यापक की कुर्सी पर नहीं बैठेंगे तथा शिक्षकों के साथ शिष्टाचारपूर्ण व्यवहार करते हुए निर्धारित बिंदुओं पर ही निरीक्षण करेंगे।
उन्होंने कहा कि शिक्षक बच्चों के भविष्य के प्रति संवेदनशील रहें और विद्यालयों का वातावरण ऐसा बनाया जाए जहां छात्र-छात्राएं सकारात्मक माहौल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकें।
बैठक में मृणाली अविनाश जोशी, शक्ति दुबे, देवेन्द्र पाण्डे, विमलेश कुमार, आलोक शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
