मुरादाबाद। जनपद में संचालित गौशालाओं के प्रभावी संचालन, गौवंश संरक्षण तथा आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा हेतु जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक में गौशालाओं में उपलब्ध सुविधाओं, हरे चारे की व्यवस्था तथा गौवंश के संरक्षण संबंधी व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि जनपद में चिन्हित चारागाह की भूमि पर अपेक्षित स्तर पर हरे चारे का उत्पादन नहीं किया जा रहा है। इस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, समस्त उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारियों तथा संबंधित खंड विकास अधिकारियों को चेतावनी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गौशालाओं में निराश्रित गौवंश के लिए पर्याप्त मात्रा में हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित कराना संबंधित अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
बैठक में गर्मी एवं लू से बचाव के लिए गौशालाओं में की गई व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने अवगत कराया कि सभी गौशालाओं के शेड टाट-पट्टी से ढके हुए हैं तथा उन पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराया जा रहा है, जिससे अत्यधिक गर्मी के दौरान गौवंश को राहत मिल सके और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बीमार एवं कमजोर गौवंश की समुचित देखभाल एवं संरक्षण के संबंध में जिलाधिकारी ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया कि नगर निगम स्तर से सात दिवस के भीतर एक विशेष शेड तैयार कराया जाए, जहां बीमार एवं कमजोर गौवंश की अलग से देखभाल और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि गौशालाओं की व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा गौवंश के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए शासन की मंशा के अनुरूप प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सुश्री मृणाली अविनाश जोशी और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ सुनील दत्त सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
