मुरादाबाद। अपने उत्तर प्रदेश भ्रमण के दौरान मुरादाबाद पहुंचे ज्योतिषपीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौरक्षा, राम मंदिर दान प्रकरण और अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को लेकर खुलकर प्रतिक्रिया दी। इस दौरान स्वामी गोविंदानंद सरस्वती द्वारा लगाए गए आरोपों के सवाल पर वह मीडिया से भी तीखे अंदाज में मुखातिब हुए।
उन्होंने कहा कि वह पूरे उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों पर जाकर लोगों से गौमाता की रक्षा के लिए मतदान का संकल्प करा रहे हैं और अब तक लाखों लोग यह संकल्प ले चुके हैं।
गोविंदानंद के आरोपों पर पलटवार
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि उनके ऊपर चंदा एकत्र करने या सोना-चांदी लेने के जो आरोप लगाए जा रहे हैं, उनके समर्थन में प्रमाण प्रस्तुत किए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा, “पहले यह बताया जाए कि हमने किससे कितना लिया। प्रमाण सामने लाए जाएं, उसके बाद आगे बात होगी। एसआईटी जांच होनी चाहिए और हम उसके लिए तैयार हैं।”

उन्होंने दावा किया कि राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान वे लोग मुकदमा लड़ रहे थे, जबकि आरोप लगाने वाले उस समय वहां नहीं थे। उन्होंने कहा कि मुकदमा जीतने के बाद कुछ लोग आकर बैठ गए और अब तरह-तरह की बातें बना रहे हैं।
मीडिया पर भी जताई नाराजगी
गांव-गांव से सोना-चांदी एकत्र करने के आरोपों पर सवाल पूछे जाने पर शंकराचार्य ने मीडिया से कहा कि जिन गांवों का दावा किया जा रहा है उनकी सूची दी जाए।
उन्होंने कहा, “एक हजार गांवों की सूची दीजिए और कैमरा लेकर हमारे साथ चलिए। यदि गांव के लोग कह दें कि हम वहां गए और चंदा लिया, तब आगे बात होगी। झूठ फैलाने से काम नहीं चलेगा।”
“राम मंदिर के दान में चोरी हो रही है”
राम मंदिर में दान और चढ़ावे से जुड़े विवाद पर बोलते हुए शंकराचार्य ने कहा कि दान में चोरी के आरोपों की जांच चल रही है, लेकिन रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट कुछ दिनों में आ जानी चाहिए थी, लेकिन मामला लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। उनका आरोप था कि समय बीतने के साथ लोगों का ध्यान दूसरे मुद्दों की ओर मोड़ दिया जाता है।
गौमाता को पशु नहीं, माता घोषित करने की मांग
गौरक्षा को लेकर उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से गौमाता को “पशु” के बजाय “माता” घोषित करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय केवल पशु नहीं बल्कि माता का दर्जा रखती है। उनका कहना था कि सरकार को जनभावनाओं के अनुरूप निर्णय लेना चाहिए और गौरक्षा के लिए सशक्त कानून बनाया जाना चाहिए।
स्वागत समारोह में क्या कहा गया
मुरादाबाद में उनके स्वागत के दौरान गौसेवा आयोग के पूर्व सदस्य राहुल ठाकुर ने कहा कि शंकराचार्य के आगमन से मुरादाबाद की धरती पावन हुई है। उन्होंने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद हिंदुत्व और गौरक्षा के मुद्दों को लगातार उठाते रहे हैं तथा गौमाता की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।
