मुरादाबाद। जनपद में छोटे एवं मध्यम कोचिंग संस्थानों के विरुद्ध की जा रही सीलिंग और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर राष्ट्रीय छात्र परिषद, महानगर मुरादाबाद ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रेषित किया है। परिषद ने मांग की है कि छोटे शिक्षण संस्थानों के लिए अलग और व्यवहारिक नियम निर्धारित किए जाएं तथा फिलहाल चल रही सीलिंग की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए।
ज्ञापन में कहा गया है कि हाल ही में लखनऊ में हुई दुखद घटना के बाद शिक्षण संस्थानों में सुरक्षा मानकों को मजबूत करना आवश्यक है। परिषद का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है, लेकिन इसके नाम पर छोटे एवं मध्यम कोचिंग संस्थानों के खिलाफ एक समान कार्रवाई किए जाने से बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी और छात्र प्रभावित हो रहे हैं।
राष्ट्रीय बजरंग दल के प्रांत अध्यक्ष रोहन सक्सेना ने कहा कि छोटे कोचिंग संस्थानों की परिस्थितियां बड़े व्यावसायिक संस्थानों से अलग हैं। इसलिए दोनों के लिए एक जैसे नियम लागू करना व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने सरकार से छोटे संस्थानों के लिए सरल एवं व्यवहारिक मानक तय करने की मांग की, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई और लोगों की आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
राष्ट्रीय छात्र परिषद के महानगर अध्यक्ष अर्पित सक्सेना ने कहा कि परिषद सुरक्षा मानकों के पक्ष में है, लेकिन छोटे शिक्षण संस्थानों को सुधार का अवसर दिए बिना सीधी कार्रवाई उचित नहीं है। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को कोचिंग संचालकों के प्रतिनिधियों से संवाद स्थापित कर सर्वसम्मति से समाधान निकालना चाहिए।
ज्ञापन में छोटे और बड़े कोचिंग संस्थानों के लिए अलग-अलग मानक निर्धारित करने, छोटे कोचिंग सेंटरों के लिए सरल पंजीकरण व्यवस्था लागू करने तथा किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से पहले संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श करने की मांग भी की गई है।
इस अवसर पर राष्ट्रीय छात्र परिषद और राष्ट्रीय बजरंग दल के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इनमें सुरेश कुमार गुप्ता, गोविंद सिंह, विजय शर्मा, अभिषेक श्रीवास्तव, इशांक भारद्वाज, गंगा राणा, हर्षल सक्सेना, अंकित कुमार, गौरव कुमार, श्याम अरोड़ा, करण सिंह, वरुण कुमार दुबे, रवि कुमार, देवांश पांडे, दीपांक सेनी, हर्षवर्धन सैनी, विशाल ठाकुर तथा नीतिकुंज पाण्डेय सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे@शांतनु/INN
