मुरादाबाद। वर्ष 2025 बैच के प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों ने जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया के नेतृत्व में मंगलवार को मुरादाबाद शहर स्थित मेटल हैंडीक्राफ्ट सर्विस सेंटर (एमएचएससी) एवं डिजाइनको का भ्रमण कर विश्वविख्यात मेटल हस्तशिल्प उद्योग की उत्पादन प्रक्रिया, गुणवत्ता नियंत्रण, डिजाइनिंग, कौशल विकास तथा निर्यात व्यवस्था का गहन अध्ययन किया। भ्रमण का उद्देश्य अधिकारियों को जनपद की औद्योगिक विरासत, हस्तशिल्प उद्योग की चुनौतियों और संभावनाओं से प्रत्यक्ष रूप से अवगत कराना था।

भ्रमण के दौरान प्रशिक्षु अधिकारी सबसे पहले पीतलनगरी स्थित मेटल हैंडीक्राफ्ट सर्विस सेंटर (एमएचएससी) पहुंचे, जहां उन्हें केंद्र द्वारा मेटल उद्योग को तकनीकी सहायता, गुणवत्ता परीक्षण, डिजाइन विकास तथा निर्यात के लिए आवश्यक मानकों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने अत्याधुनिक टेस्टिंग लैब का निरीक्षण कर विभिन्न धातुओं की गुणवत्ता जांच की प्रक्रिया को समझा। साथ ही उत्पादों की कोटिंग, फिनिशिंग, पॉलिशिंग एवं अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं का भी अवलोकन किया।

प्रशिक्षु अधिकारियों ने एमएचएससी में संचालित स्किल डेवलपमेंट सेंटर का भी भ्रमण किया, जहां स्थानीय कारीगरों और युवाओं को आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण देकर उनकी दक्षता बढ़ाने के प्रयासों की जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने प्रशिक्षण कार्यक्रमों, आधुनिक मशीनों तथा पारंपरिक शिल्प को नई तकनीकों से जोड़ने की पहल की सराहना की।

इस अवसर पर पद्मश्री दिलशाद हुसैन एवं पद्मश्री चिरंजीलाल ने प्रशिक्षु अधिकारियों को मुरादाबाद के मेटल उद्योग के ऐतिहासिक विकास, उसकी वैश्विक पहचान तथा पीढ़ियों से चली आ रही शिल्प परंपरा के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि मुरादाबाद का मेटल हस्तशिल्प आज दुनिया के अनेक देशों में अपनी विशिष्ट गुणवत्ता, आकर्षक डिजाइन और उत्कृष्ट कारीगरी के कारण विशेष पहचान रखता है। वहीं शिल्प गुरु इमरान ने विभिन्न मेटल उत्पादों की डिजाइनिंग, नक्काशी, सजावट तथा निर्माण की बारीकियों से अधिकारियों को अवगत कराया।

इसके बाद प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों ने डिजाइनको का भ्रमण किया, जहां उन्होंने उत्पादों की डिजाइनिंग, फिनिशिंग, पैकेजिंग, गुणवत्ता मानकों तथा निर्यात प्रक्रिया को नजदीक से देखा। इस दौरान अधिकारियों को बताया गया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादों के डिजाइन तैयार किए जाते हैं तथा वैश्विक गुणवत्ता मानकों का पालन करते हुए उन्हें विभिन्न देशों में निर्यात किया जाता है। अधिकारियों ने निर्यात प्रक्रिया, आधुनिक तकनीकों के उपयोग और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मुरादाबाद के हस्तशिल्प उद्योग की भूमिका के संबंध में भी विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने प्रशिक्षु अधिकारियों को बताया कि मुरादाबाद का मेटल हस्तशिल्प उद्योग जनपद की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और लाखों लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध कराता है। उन्होंने कहा कि प्रशासन उद्योग के आधुनिकीकरण, कौशल विकास, गुणवत्ता सुधार तथा निर्यात को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
भ्रमण के अंत में प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों ने मुरादाबाद के विश्वविख्यात मेटल उद्योग की समृद्ध परंपरा, आधुनिक तकनीकों के समावेश तथा कारीगरों के उत्कृष्ट कौशल की सराहना करते हुए इसे देश की महत्वपूर्ण औद्योगिक धरोहर बताया।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (नगर) अंकुर श्रीवास्तव, उपायुक्त उद्योग दीपेंद्र कुमार सहित उद्योग विभाग एवं प्रशासन के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे@शांतनु/INN
