प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर दाखिल एक तत्काल याचिका पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत से मांग की गई थी कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई के वीडियो देखकर कोर्ट स्वतः संज्ञान ले, लेकिन मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने इस आग्रह को स्वीकार नहीं किया।
सुनवाई के दौरान वकील ने अदालत को बताया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया और इसके कई वीडियो उपलब्ध हैं। उन्होंने कोर्ट से आग्रह किया कि इन वीडियो के आधार पर मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वतः संज्ञान लिया जाए।
इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने स्पष्ट कहा कि अदालत के पास वीडियो देखने का समय नहीं है। उन्होंने कहा कि कोर्ट इस तरह वीडियो देखकर कार्रवाई नहीं कर सकता। साथ ही वकील को सलाह देते हुए कहा कि न अदालत का समय व्यर्थ करें और न ही अपना समय बर्बाद करें।
वकील ने यह भी दलील दी कि छात्र लंबे समय से परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि नीट परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराया जाए तथा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में आवश्यक सुधार किए जाएं, ताकि भविष्य में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं जैसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया और याचिका पर कोई विशेष आदेश पारित नहीं किया।
