शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा घोटालों और पेपर लीक के खिलाफ शुरू हुआ विरोध अब राष्ट्रीय स्तर का आंदोलन बनता जा रहा है। दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुई यह मुहिम अब कई राज्यों तक फैल चुकी है। छात्रों के साथ अभिभावक, शिक्षक और सामाजिक संगठन भी आंदोलन में शामिल हैं, जबकि कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने भी प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया है।
बुधवार को संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष ने संसद परिसर में सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। मकर द्वार के बाहर हुए प्रदर्शन में कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों के सांसद काले कपड़े पहनकर पहुंचे और शिक्षा व्यवस्था तथा पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार को घेरा।
इस आंदोलन ने उस समय नया मोड़ लिया जब प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया, जिसके बाद कई जगह प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। कुछ स्थानों पर बल प्रयोग और हिरासत की घटनाएं भी सामने आईं। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों और वीडियो के बाद इस मुद्दे पर देशभर में बहस तेज हो गई।
प्रदर्शन के बाद कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने आंदोलन का समर्थन किया और विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। वहीं सरकार का कहना है कि विपक्ष छात्रों के मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहा है।
संसद के भीतर भी इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने नजर आए। विपक्ष ने शिक्षा व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई पर सरकार से जवाब मांगा, जबकि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विपक्ष पर छात्रों को राजनीतिक हथियार बनाने का आरोप लगाया।
दिल्ली के अलावा अन्य राज्यों में भी आंदोलन का असर दिखाई दिया। अहमदाबाद में प्रदर्शन के दौरान करीब 150 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। पटना के जेपी गोलंबर पर एआईएसए कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हुई, जहां पथराव के बाद हालात संभालने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे।
राजधानी दिल्ली में सुरक्षा के मद्देनज़र दिल्ली मेट्रो ने 16 स्टेशनों का संचालन अस्थायी रूप से बंद कर दिया। इनमें लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, जनपथ, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग, सेवा तीर्थ और शिवाजी स्टेडियम स्टेशन शामिल हैं।
उधर, संसद में भी गतिरोध बना हुआ है। विपक्ष नियम 193 के तहत चर्चा के बजाय स्थगन प्रस्ताव के तहत बहस कराने की मांग पर अड़ा हुआ है। इसी बीच लोकसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। कार्यवाही के दौरान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी छात्रों के साथ हुए कथित अन्याय का मुद्दा सदन में उठाया।
आंदोलनकारी संगठनों का कहना है कि जब तक शिक्षा व्यवस्था में सुधार और उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
